लविवि पीएचडी की दूसरे राज्य में कराएगा प्रवेश परीक्षा

हेडलाइंस , 341

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय पीएचडी की प्रवेश परीक्षा राजधानी समेत दूसरे राज्य में कराने की तैयारी कर रहा है। यह परीक्षा दूसरे राज्य में कराने का उद्देश्य विश्वविद्यालय की ब्रांडिग करना है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार यह परीक्षा तीन केंद्र बनाए जाने है, जिसमें प्रदेश की राजधानी, दूसरा केंद्र राज्य दिल्ली और तीसरा केंद्र पूर्वांचल के शहर में चयनित कर रहा है। अभी इसकी प्रक्रिया चल रही है। लखनऊ विश्वविद्यालय में सत्र 2020-21 के प्रवेश परीक्षा कराने के लिए लगातार तैयारी में जुटा हुआ है। कोरोना की दूसरी लहर के चलते वैसे ही प्रवेश परीक्षा कराने में विलंब हो चुका है। ऐसे में अब विश्वविद्यालय लहर के कम होते ही अनुकूल समय में परीक्षा कराने की तैयारी में हैं। इसके लिए लखनऊ, दिल्ली के अलावा पूर्वांचल का शहर निर्धारित किया जाना है। यह पहली बार है जब लविवि प्रशासन राजधानी के अलावा दूसरे राज्य में पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने जा रहा है। कोरोना के प्रभाव को देखते हुए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित होगी। पीएचडी प्रवेश की अंतिम तिथि 15 मई निर्धारित की गई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी के अलावा यूजी-पीजी समेत सभी पाठ्यक्रम में आवेदन करने की तिथि को बढ़ा दिया है। फिलहाल पीएचडी आवेदन में करीब सवा चार हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। 70 प्रतिशत अंक प्रवेश परीक्षा के आधार पर होंगे
बता दें कि, विश्वविद्यालय में सत्र 2020-21 के प्रवेश बदले हुए नियमों के अनुसार से होंगे। नए नियम में अभ्यर्थी के एकेडमिक इंडैक्स को शामिल करने के साथ ही साक्षात्कार के दायरे को सीमित कर दिया गया है। पीएचडी प्रोग्राम में चयन में अब शोध प्रवेश परीक्षा (आरईटी) के साथ नेट/जेआरएफ, एकेडमिक इंडैक्स का भी मूल्यांकन किया जाएगा। 70 प्रतिशत अंक प्रवेश परीक्षा के आधार पर होंगे। बचे हुए 30 प्रतिशत में नेट/जेआरएफ का वेटेज और एकेडमिक इंडैक्स के साथ साक्षात्कार को आधार बनाया जाएगा। यहां साक्षात्कार के वेजेट के गिराकर 10 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है। नेट/जेआरएफ वालों को भी शोध प्रवेश परीक्षा (आरईटी) और साक्षात्कार में शामिल होना होगा। शोध प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र में 50 प्रतिशत सवाल रिसर्च मैथेडोलॉजी और 50 प्रतिशत सवाल विषय संबंधित होंगे। प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार दोनों में शामिल होना अनिवार्य होगा। शोध प्रवेश परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक पाना अनिवार्य होगा। उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इस बाबत लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय का कहना है कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा अनुकूल समय पर कराया जाना सुनिश्चित किया गया है। इसके लिए केंद्र तय करने की प्रक्रिया चल रही है।

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