योगी सरकार की नई पहल: तकनीकी युवाओं को मिलेगा 50 हजार रुपये तक का अनुदान, ऑनलाइन मॉड्यूल लॉन्च

जनपत की खबर , 22

बाट-माप उपकरणों की मरम्मत के लिए लाइसेंस लेना हुआ आसान, डिप्लोमा और डिग्रीधारी युवा शुरू कर सकेंगे अपना व्यवसाय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तकनीकी डिप्लोमा एवं डिग्रीधारी युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल ने मंगलवार को 'बाट-माप उपकरणों के मरम्मत कार्य हेतु लाइसेंस आवेदन के लिए तकनीकी डिप्लोमा/डिग्री धारक युवाओं को प्रोत्साहित करने की नीति-2026' के ऑनलाइन मॉड्यूल का शुभारंभ किया।

मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। सरकार का उद्देश्य है कि पॉलिटेक्निक, आईटीआई और अन्य तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षित युवा केवल नौकरी के लिए प्रयास न करें, बल्कि अपनी तकनीकी दक्षता के आधार पर स्वयं का उद्यम भी स्थापित करें।

नई नीति के तहत तकनीकी डिप्लोमा एवं डिग्रीधारी युवाओं को बाट-माप उपकरणों की मरम्मत की कार्यशाला स्थापित करने और मरम्मतकर्ता लाइसेंस प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यशाला शुरू करने के लिए आवश्यक उपकरण, टूल्स और अन्य सामग्री की खरीद पर 50 हजार रुपये तक की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा दी जाएगी।

इस योजना का लाभ आईटीआई (इलेक्ट्रॉनिक्स), इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, संबंधित विषयों में डिग्री तथा भौतिक विज्ञान में बीएससी करने वाले पात्र युवाओं को मिलेगा। पात्र अभ्यर्थी निवेश मित्र पोर्टल और विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे। लाइसेंस मिलने के बाद वे अपनी कार्यशाला स्थापित कर बाट-माप उपकरणों की मरम्मत का कार्य शुरू कर सकेंगे।

सरकार के अनुसार कार्यशाला के लिए आवश्यक मास्टर सेट, लोड सेट और अन्य उपकरणों की खरीद पर भी नीति के प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से आवेदन, सत्यापन और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे युवाओं को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।

मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि इस पहल से तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे और प्रदेश में कुशल तकनीशियनों का मजबूत नेटवर्क विकसित होगा, जिससे रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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