ब्रिक्स में इतिहास बना: युद्ध की आग के बीच दिल्ली में मिले ईरान और UAE के शीर्ष नेता, दुनिया की नजर भारत पर
जनपत की खबर Sep 12, 2026 at 07:06 PM , 17**नई दिल्ली, 13 सितंबर।** पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य तनाव, मिसाइल हमलों, बमबारी, गोलीबारी और **होर्मुज़ जलडमरूमध्य** को लेकर बढ़ते संकट के बीच नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शीर्ष नेताओं की मुलाकात ने कूटनीतिक हलकों में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। ईरानी राष्ट्रपति **मसूद पेजेशकियन** और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस **शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान** ने शनिवार को दिल्ली में मुलाकात की। दोनों देशों के बीच मौजूदा युद्ध और तनाव की पृष्ठभूमि में यह मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर रखा है। **डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू** की नीतियों और सैन्य कार्रवाई के बीच होर्मुज़ में तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को भी चिंता में डाल दिया है।
### दुश्मनी और तनाव के बीच आमने-सामने
ईरान और UAE के संबंधों में हालिया संघर्ष के दौरान गंभीर तनाव आया है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने UAE में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच अविश्वास और बढ़ गया। ऐसे माहौल में दोनों नेताओं का दिल्ली में आमने-सामने बैठना अपने आप में बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि बैठक से कोई बड़ा समझौता या तत्काल युद्धविराम तय हुआ है। इसकी सबसे बड़ी अहमियत फिलहाल **संवाद की वापसी और तनाव के बीच कूटनीतिक संपर्क** के रूप में देखी जा रही है।
### भारत की कूटनीति को बड़ी सफलता?
दिल्ली में हुई इस मुलाकात ने भारत की मेजबानी में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन को खास महत्व दे दिया है। ईरान और UAE दोनों ब्रिक्स के सदस्य हैं और दोनों के बीच मौजूदा तनाव ने इस संगठन की एकजुटता के सामने भी चुनौती खड़ी की थी। ऐसे में भारत की राजधानी में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की मुलाकात को नई दिल्ली की **संवाद और पुल बनाने वाली भूमिका** के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ब्रिक्स ने भी संयुक्त घोषणा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए संयम, नागरिकों की सुरक्षा, संप्रभुता के सम्मान और वैश्विक व्यापार एवं समुद्री स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया है।
### होर्मुज़ संकट के बीच दुनिया की नजर दिल्ली पर
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा और समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां जारी तनाव का सीधा असर तेल आपूर्ति, शिपिंग लागत और वैश्विक महंगाई पर पड़ सकता है। इसलिए ईरान-UAE संपर्क को केवल दो देशों की मुलाकात नहीं, बल्कि **पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम करने की संभावित दिशा** के तौर पर देखा जा रहा है।
**युद्ध, मिसाइल और बारूद के बीच दिल्ली में बातचीत की मेज पर बैठे ईरान और UAE के शीर्ष नेताओं की तस्वीर ने यह संदेश जरूर दिया है कि बंदूक के बीच भी कूटनीति के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं।** भारत की धरती पर हुई यह मुलाकात आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की कूटनीति में कितना बदलाव लाती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।









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