हर बच्चे को पढ़नी चाहिए पीएम मोदी की ‘एग्जाम वॉरियर्स’: योगी

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**लखनऊ, 12 सितंबर।** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि **हर बच्चे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए।** उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि हर युवा और नागरिक के लिए उपयोगी है। जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी परीक्षा और चुनौती से गुजरता है, ऐसे समय में यह पुस्तक मार्गदर्शक और संबल बन सकती है।
 
मुख्यमंत्री शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित **5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026** का शुभारंभ करने के बाद युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने पुस्तक महोत्सव परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों को ‘एग्जाम वॉरियर्स’ की प्रतियां वितरित कीं।
 
### ‘युवा किताब नहीं पढ़ता’ कहना उसके साथ अन्याय
 
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि आज का युवा किताबों से दूर हो गया है। **“युवा किताब नहीं पढ़ता, यह कहना उसके साथ अन्याय है। जरूरत किताबों को युवाओं तक पहुंचाने की है।”**
 
उन्होंने बताया कि लखनऊ में पुस्तक महोत्सव शुरू करने का प्रस्ताव मिलने के बाद इसे प्रोत्साहित किया गया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए तो गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव आयोजित किया गया। वहां लखनऊ से भी अधिक लोगों ने भाग लिया और पुस्तकों की बिक्री भी अधिक हुई। इससे यह साबित हुआ कि युवाओं में पढ़ने की रुचि आज भी मौजूद है, जरूरत उन्हें उचित मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।
 
### ‘ज्ञान को संकुचित दायरे में नहीं बांधना चाहिए’
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान को सीमित दायरे में बांधने के गंभीर दुष्परिणाम समाज और राष्ट्र को भुगतने पड़ते हैं। भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऋषि परंपरा हमेशा ज्ञान के लिए सभी दिशाओं से आने वाले विचारों के द्वार खुले रखने की पक्षधर रही है।
 
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भूमि रहा है। नैमिषारण्य, काशी और शुक्रतीर्थ जैसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक भूमि प्रदेश की समृद्ध ज्ञान परंपरा की गवाह हैं।
 
### डिजिटल युग ने गांव-शहर की दूरी घटाई
 
योगी ने कहा कि डिजिटल युग ने गांव और शहर के बीच की दूरी को काफी कम किया है। ग्राम सचिवालयों में ग्रामीणों के लिए **कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटल लाइब्रेरी** विकसित की जा रही हैं। प्रदेश की **57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था** की गई है और इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
 
उन्होंने कहा कि पहले युवाओं और ग्रामीणों को पर्याप्त प्लेटफॉर्म नहीं मिला, लेकिन सुविधा और अवसर मिलने के बाद वही युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
 
### ‘सरकारें जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था’
 
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले स्कूलों की स्थिति बेहद खराब थी। **“जब सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था।”** उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों की तस्वीर बदली गई है। स्कूलों में भवन, स्मार्ट क्लास और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
 
चित्रकूट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक विद्यालय की तीसरी कक्षा की छात्रा ने डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन कर पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सुविधाओं के अभाव में बच्चों की प्रतिभा सामने नहीं आ पाती थी, लेकिन अब बेहतर संसाधन मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
 
### युवाओं से बोले- अपना ‘बुक बैंक’ बनाएं
 
मुख्यमंत्री ने युवाओं से **अपना बुक बैंक बनाने** की अपील की। उन्होंने कहा कि किताब खरीदते समय केवल पाठ्यक्रम की पुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि साहित्य, धार्मिक ग्रंथों, महापुरुषों की आत्मकथाओं और वैज्ञानिकों के शोध से जुड़ी पुस्तकों को भी अपने संग्रह का हिस्सा बनाएं।
 
उन्होंने कहा कि अच्छी पुस्तक व्यक्ति को जीवनभर प्रेरणा दे सकती है और खाली समय में पढ़ने की आदत जीवन को नई दिशा देती है।
 
### प्रदेश में और व्यापक हो पुस्तक महोत्सव
 
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोमती पुस्तक महोत्सव को केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे प्रदेश के अन्य हिस्सों तक ले जाने की जरूरत है और राज्य सरकार इसके लिए पूरा सहयोग करेगी।
 
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार **नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकों की सबसे बड़ी खरीदार** है। गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पुस्तकालय उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। ज्ञान की इस परंपरा को और व्यापक बनाने की आवश्यकता है।
 
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री **योगेंद्र उपाध्याय**, माध्यमिक शिक्षा मंत्री **गुलाब देवी**, बेसिक शिक्षा मंत्री **संदीप सिंह**, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति **प्रो. जेपी सैनी**, नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन **प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे**, निदेशक **युवराज मलिक**, लेखक, प्रकाशक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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