किताबें ज्ञान, संस्कार और विचारों का विस्तार करती हैं : मुख्यमंत्री योगी

जनपत की खबर , 19

**लखनऊ, 12 सितंबर।** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक प्रांगण में **गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 के पांचवें संस्करण** का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ विश्वविद्यालय तथा बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय महोत्सव **12 से 20 सितंबर** तक चलेगा।
 
महोत्सव में पुस्तक प्रदर्शनी के साथ लेखक संवाद, संगोष्ठी, कवि सम्मेलन, व्याख्यान, पुस्तक विमोचन, क्विज और किस्सागोई समेत विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
 
### डिजिटल दौर में बच्चों को किताबों से जोड़ना जरूरी
 
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री **योगेंद्र उपाध्याय** ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान, संस्कार और विचारों की सबसे सशक्त साथी हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य के भीतर ज्ञान, विवेक और बुद्धि के माध्यम से विचारों का निर्माण होता है और जब विचार लिपिबद्ध होते हैं तो पुस्तक का रूप लेते हैं।
 
उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमें ज्ञान और संस्कार देने के साथ भाषा, संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराती हैं। डिजिटल युग में नई पीढ़ी का पुस्तकों से जुड़ाव कम हो रहा है, ऐसे में पुस्तक महोत्सव बच्चों और युवाओं को दोबारा किताबों के करीब लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।
 
### किताबें बच्चों की सोच और कल्पनाशक्ति को देती हैं आकार
 
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) **संदीप सिंह** ने कहा कि लखनऊ साहित्य, संस्कृति और कला की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। नौ दिवसीय पुस्तक महोत्सव नई पीढ़ी को पुस्तक, साहित्य और संस्कृति से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
 
उन्होंने कहा कि पुस्तकें बच्चों को केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं देतीं, बल्कि उनके भीतर **ज्ञान, विचार, संस्कार और कल्पना** का विकास करती हैं। प्रारंभिक अवस्था में किताबें बच्चों की जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और विचारशक्ति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
 
संदीप सिंह ने कहा कि **“स्क्रीन दुनिया दिखाती है, लेकिन किताबें उसे समझने की शक्ति देती हैं।”** उन्होंने युवाओं से देश के इतिहास, संस्कृति और साहित्य से जुड़ने का आह्वान किया।
 
### पुस्तकालयों को आधुनिक ज्ञान केंद्र बना रही सरकार
 
माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) **गुलाब देवी** ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में शिक्षा को केवल विद्यालय की चारदीवारी और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार बनाया जा रहा है।
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सार्वजनिक और विद्यालयी पुस्तकालयों को आधुनिक आईटी उपकरणों, सुविधाजनक फर्नीचर और डिजिटल सुविधाओं से युक्त **ज्ञान केंद्रों** के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे पुस्तकालयों में पाठकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
 
गुलाब देवी ने बताया कि **प्रोजेक्ट अलंकार** के तहत 2,107 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में जर्जर भवनों का जीर्णोद्धार किया गया है, जबकि 591 सहायता प्राप्त विद्यालयों को भी इसका लाभ मिला है। 1,841 सरकारी विद्यालयों में आईसीटी लैब और 1,236 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। वहीं 2,332 सरकारी विद्यालयों में करियर गाइडेंस तथा 2,435 विद्यालयों में मिशन शक्ति के तहत बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
 
उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग, नियमित दिनचर्या और कठिन परिश्रम को सफलता का आधार बनाने की अपील की। साथ ही अभिभावकों से बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को नियंत्रित करने की सलाह दी।
 
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार **अवनीश अवस्थी**, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के चेयरमैन **प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे**, निदेशक **युवराज मलिक**, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति **प्रो. जे.पी. सैनी**, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव **पार्थ सारथी सेन शर्मा** समेत शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विद्यार्थी, अभिभावक, लेखक, साहित्यकार और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

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