माघ मेला 2026: संगम तट पर आधुनिक टेंट सिटी, आस्था के साथ पर्यटन और रोजगार को नया आयाम
जनपत की खबर Jan 13, 2026 at 01:45 PM , 111लखनऊ।
मकर संक्रांति सहित अन्य प्रमुख स्नान पर्वों पर प्रयागराज संगम तट पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त टेंट सिटी विकसित की गई है। संगम की पुण्य धारा में स्नान के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन हो रहा है। इसी क्रम में सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने संगम तट की रेत पर अत्याधुनिक टेंट कॉलोनी बसाई है, जो कल्पवासियों और पर्यटकों के लिए आस्था के साथ-साथ आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरी है। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज के अरैल सेक्टर-7 में त्रिवेणी पुष्प से पहले विकसित इस टेंट कॉलोनी में कुल 50 आधुनिक कॉटेज बनाए गए हैं। इनकी ऑनलाइन बुकिंग यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है। टेंट कॉलोनी को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है—15,000 रुपये किराए वाला प्रीमियम, 11,500 रुपये का लग्जरी और 7,500 रुपये का डीलक्स कॉटेज। इनमें 12 प्रीमियम, 8 लग्जरी और 30 डीलक्स टेंट शामिल हैं। सभी श्रेणियों में ठहरने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुल्क में ही सात्विक भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है।
टेंट कॉलोनी परिसर में यज्ञशालाओं का निर्माण किया गया है, जहां निरंतर भजन-कीर्तन हो रहा है। सांस्कृतिक वातावरण को सजीव बनाने के लिए कलाग्राम भी विकसित किया गया है, जहां स्थानीय शिल्प और लोककला को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि माघ मेले के माध्यम से रोजगार और नवाचार को भी विशेष बढ़ावा मिला है। संगम टेंट कॉलोनी में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) प्रदर्शनी के तहत प्रयागराज की पारंपरिक मूंज कला के स्टॉल लगाए गए हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। माघ मेला 2026 न केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त कर रहा है, बल्कि उद्यमियों और हस्तशिल्पियों के लिए भी एक बड़ा व्यावसायिक मंच बनकर उभरा है। यहां देश-विदेश से आए श्रद्धालु मूंज से बने डलिया, पेन स्टैंड, रोटी रखने के बर्तन, गमले और सजावटी वस्तुओं को खूब पसंद कर रहे हैं।
नैनी क्षेत्र के महेवा इलाके की यह पारंपरिक मूंज कला, जिसे चांद जैसी कारीगर वर्षों से आगे बढ़ा रही हैं, अब आधुनिक स्वरूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना पा रही है।
जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप माघ मेला अब केवल आस्था का आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह पर्यटन, रोजगार और स्थानीय कला को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम बन चुका है। यूपीएसटीडीसी द्वारा विकसित संगम टेंट कॉलोनी इसका उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ओडीओपी योजना के तहत मूंज कला जैसे पारंपरिक शिल्प को मंच देकर स्थानीय कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री की सोच है कि प्रदेश का हर आयोजन रोजगार, नवाचार और संस्कृति से जुड़े, और माघ मेला 2026 इस सोच को साकार करता हुआ दिखाई दे रहा है।































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