मुख्यमंत्री ने एन0एच0ए0आई0 की प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न सड़क परियोजनाआें की समीक्षा की

जनपत की खबर , 89

एन0एच0ए0आई0 के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन 
के बीच बेहतर, सतत् और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश

सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं : मुख्यमंत्री

इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट प्रदेश की अनिवार्य आवश्यकता, 
किन्तु यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं

एन0एच0ए0आई0 परियोजनाओं की मुख्य सचिव पाक्षिक 
तथा जिलाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा करें

भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए, 
किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले
 लखनऊ : 12 जनवरी, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन0एच0ए0आई0) की प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न सड़क परियोजनाआें की समीक्षा की। उन्होंने एन0एच0ए0आई0 के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत् और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे जुड़ी हैं। अतः सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिल सके।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट प्रदेश की अनिवार्य आवश्यकता है, किन्तु यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता। इस वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार की नीति है कि किसी भी परियोजना में अपरिहार्य स्थिति में ही वृक्षों की कटान की जाए और जितने वृक्ष कटें, उससे अधिक संख्या में पौधरोपण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी एन0एच0ए0आई0 परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करें। जहां भी किसी स्तर पर कोई विषय लम्बित हो, उसे मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मुख्य सचिव स्वयं इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा करें, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलम्ब न हो और निर्णय शीघ्रता से लिए जा सकें।
मुख्यमंत्री जी ने भूमि अधिग्रहण से सम्बन्धित विषयों पर स्पष्ट निर्देश दिए कि सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए। किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें और परियोजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।
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