'डीएम सर की पाठशाला' बनी गरीब बच्चों की उम्मीद: औरैया डीएम ने बांटीं निःशुल्क किताबें, जन्म प्रमाणपत्र देकर दिलाया स्कूल में प्रवेश

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औरैया, 5 जुलाई। औरैया के जिलाधिकारी ब्रजेश कुमार की अनूठी पहल 'डीएम सर की पाठशाला' गरीब और वंचित बच्चों के लिए शिक्षा की नई मिसाल बन रही है। शनिवार को जिलाधिकारी ने अपने कार्यालय कक्ष के सामने संचालित इस निःशुल्क पाठशाला में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकों का वितरण किया। साथ ही जिन बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र न होने के कारण विद्यालयों में प्रवेश नहीं हो पा रहा था, उनके जन्म प्रमाणपत्र जारी कर स्वयं अभिभावकों को सौंपे, जिससे उनके स्कूलों में नामांकन का रास्ता साफ हो गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि उनके सरकारी आवास के निकट नाथ, जोगी, सपेरा और बंजारा समुदाय के परिवार रहते हैं। इन परिवारों के अधिकांश बच्चों की शिक्षा से दूरी और कमजोर शैक्षणिक स्तर को देखते हुए 'डीएम सर की पाठशाला' की शुरुआत की गई। इस पाठशाला में वह स्वयं प्रतिदिन सुबह बच्चों को निःशुल्क पढ़ाते हैं।
वर्तमान में करीब 50 बच्चे इस पाठशाला में नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें नाथ और बंजारा समाज के बच्चों के अलावा आसपास के गांवों के गरीब एवं जरूरतमंद बच्चे भी शामिल हैं। जिलाधिकारी के सहयोग से बच्चों को यूनिफॉर्म, आई-कार्ड, पाठ्य-पुस्तकें और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
ब्रजेश कुमार ने बताया कि यह पूरी पहल टीम वर्क का परिणाम है। बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग की जाती है और जो बच्चे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें अच्छे विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा के साथ-साथ इन परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं। नाथ समुदाय के परिवारों के लिए पट्टे आवंटित कर आवासीय कॉलोनी का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि उन्हें स्थायी आवास की सुविधा मिल सके।
'डीएम सर की पाठशाला' अब केवल एक निःशुल्क कोचिंग केंद्र नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक उत्थान और प्रशासनिक संवेदनशीलता का ऐसा मॉडल बनकर उभरी है, जो गरीब और वंचित बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।

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