सीएम योगी बोले— पवित्रता, संवाद और समन्वय से सकुशल संपन्न होंगे माघ मेले के सभी प्रमुख स्नान
जनपत की खबर Jan 10, 2026 at 05:50 PM , 78प्रयागराज।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ माघ मेले के सभी प्रमुख स्नान सकुशल संपन्न कराए जाएंगे। शनिवार को प्रयागराज दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रशासन की सजगता, आधुनिक तकनीक के उपयोग और विभिन्न विभागों के आपसी सहयोग से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें माघ मास में पावन त्रिवेणी के दर्शन और संगम स्नान का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने स्मरण कराया कि गत वर्ष इसी समय महाकुंभ की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही थीं और 10 जनवरी को भी वे इसी विषय को लेकर प्रयागराज आए थे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष माघ मेला 3 जनवरी से प्रारंभ हो चुका है और 15 फरवरी तक चलेगा। इस अवधि में सभी पर्वों और स्नान आयोजनों को सकुशल संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं लगातार निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पौष पूर्णिमा के अवसर पर माघ मेले में 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था, लेकिन 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान किया। भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी महाराज और अक्षयवट के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने सुरक्षित रूप से स्नान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि कल्पवासी एक माह के कल्पवास के दौरान साधना में लीन हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी की 726वीं पावन जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर भी मिला। प्रयागराज ऋषि-मुनियों और सिद्ध संतों की पावन भूमि रही है, जहां महर्षि भारद्वाज, याज्ञवल्क्य सहित अनेक महान तपस्वियों ने साधना की। दारागंज को जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी की जन्मस्थली के रूप में विशेष मान्यता प्राप्त है।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि माघ मेले के दौरान 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, इसके बाद माघ पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के प्रमुख स्नान पर्व संपन्न होंगे। इन सभी आयोजनों के लिए संबंधित विभागों द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेले के लिए घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है, स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत किया गया है तथा भीषण शीतलहर से बचाव के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। साथ ही, ‘मेला सेवा ऐप’ का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को आवश्यक सेवाएं और शिकायत निवारण की सुविधा त्वरित रूप से उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार पौष पूर्णिमा का स्नान पूरी पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सकुशल संपन्न हुआ, उसी तरह माघ मेले के आगामी सभी पांच प्रमुख स्नान पर्व भी सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न होंगे। प्रशासन पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है और सभी के सहयोग से माघ मेला सफल रहेगा।































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