08 वर्षों में नारी सशक्तीकरण के लिए हुआ अभूतपूर्व कार्य

जनपत की खबर , 258

लखनऊ: 25 मार्च , 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के नेतृत्व में प्रदेश ने 08 वर्षों में सभी क्षेत्रों मे अभूतपूर्व प्रगति की है। सशक्त नारी समृद्व समाज की बात की जाये तो मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में 22.12 लाख, निराश्रित महिला पेंशन योजना में 35.21 लाख, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) में 18990 तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) में 53610 को लाभान्वित किया गया। जबकि दो लाख से अधिक महिलाओं को पी0एम स्वानिध योजना तथा 60 लाख माताओं को प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना से  लाभान्वित किया गया है। साठ हजार महिला स्वयं समूहों के सहायता से पुष्टाहार का वितरण भी कराया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 873534 समूहों, 57482 ग्राम संगठनों एवं 3137 संकुल स्तरीय संघों का गठन करते हुए ग्रामीण क्षेत्र की 95 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहो को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत 2510 उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन भी किया गया। इसी प्रकार 39561 बी0सी0 सखी ने कार्य कर रू0 31626 करोड़ का लेन देन किया जिससे उन्हें रू0 85.81 करोड़ का लाभांश प्राप्त हुआ। लखपति महिला योजना के अंतर्गत 31 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हाकन किया गया जिसमें 12 लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में है। वन स्टॉप सेंटर से अब तक 2.03 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई। 189 निकायों में महिलाओं के लिए 1100 पिंक शौचालयों का निर्माण कराया गया। 181 महिला हेल्पलाइन योजना के अंतर्गत 7.17 लाख महिलाओं को सहायता प्रदान की गई। 
आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्रि-स्कूलों के रूप में उच्चीकृत किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रीयों, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायकों के मानदेय में वृद्धि से 3.73 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई। आंगनबाड़ी/मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रो पर अनपूरक पुष्टाहार योजना अंतर्गत पोषाहार वितरण में बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई। जनपद वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, कानपुर नगर, झांसी, आगरा व गोरखपुर में पूण्यश्लोका माता अहिल्याबाई होलकर जी के नाम पर श्रमजीवी हॉस्टल का निर्माण। जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने 6591 आंगनबाड़ी केन्द्र गोद लिए। कुपोषण एव पोषण स्थिति की पहचान कर सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो के लिए चार प्रकार के ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस एवं मोबाइल फोन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई। 
प्रदेश में 0 से 5 वर्षों के बच्चों में स्टंटिंग की दर में 6.5 प्रतिशत, 0 से 5 वर्षों के बच्चों में अंडरवेट की दर में 7.5 प्रतिशत की गिरावट तथा गर्भवती महिलाओं की एनिमिया की दर में 5.1 प्रतिशत की कमी आई है। सतत प्रयासों से महिला पुरूष लिंग अनुपात में अभूतपूर्व सुधार हुआ। प्रति 1000 पुरूष के सापेक्ष 1017 महिलाएं है। मातृ मृत्युदर, शिशु मृत्युदर एवं नवजात मृत्युदर में अभूतपूर्व गिरावट आई है। अनपूरक पुष्टाहार योजना के तहत 02 करोड़ 12 लाख लाभार्थियों को वितरण कर उनके जीवन स्तर में सुधार किया गया। किशोरी बालिकाओं के लिए योजना के अंतर्गत प्रदेश के 08 अकांक्षात्मक जनपदों के 02 लाख 10 हजार किशोरी बालिकाओं का चिन्हित कर उनका सर्वागींण विकास किया जा रहा है। वर्तमान मे प्रदेश में संस्थागत प्रसव 84 प्रतिशत से अधिक है। 

Related Articles

Comments

Back to Top