*बज़्म फ़रोगे अदब का 21वां तरही मुशायरा संपन्न, शायरों ने बिखेरा कलाम का जलवा*

लखीमपुर खीरी , 34

*लखीमपुर खीरी।* बज़्म फ़रोगे अदब की ओर से हर महीने आयोजित होने वाले तरही मुशायरे की कड़ी में 21वां मुशायरा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।  

मुशायरे की सदारत बज़्म फ़रोगे अदब के सदर आमिर रज़ा ने की, जबकि निज़ामत इलियास चिश्ती ने संभाली।  

सदारती खिताब में आमिर रज़ा पम्मी ने कहा कि बज़्म फ़रोगे अदब अदब की दुनिया में जिस तरह काम कर रही है, भविष्य में भी इसी तरह जारी रखेगी और जल्द ही खीरी में बड़ा ऑल इंडिया मुशायरा कराएगी। उन्होंने सुनाया -  
_कोई मेहमान आने वाला है, बरकतें साथ लाने वाला है।_  

निज़ामत कर रहे इलियास चिश्ती ने कहा -  
_कैद होगी वफ़ा किताबों में, अब ज़माना वो आने वाला है।_  

शायर उमर हनीफ ने सुनाया -  
_सुरमा उसको मत कहो वह शख्स, जुल्म बेबस पे ढ़ाने वाला है।_  
मंसूर महेवार ने कहा -  
_अपने कदमों की बरकतों से वो, सहरा में गुल खिलाने वाला है।_  

बज़्म के सेक्रेटरी और मुशायरे के कन्वीनर डॉ. एहराज अरमान ने कहा -  
_जिसने परमाणु बम दिया हमको, क्या वो पंचर बनाने वाला है।_  

अय्यूब अंसार ने सुनाया -  
_वो है मौला अली का दीवाना, वो कहां सर झुकाने वाला है।_  
हसन अंसारी ने कहा -  
_इस पे ईमान है हसन मेरा, सबको रब ही खिलाने वाला है।_  

किसी कारणवश न आ सके शायर नफीस वारसी का कलाम आसिफ अंसारी ने पेश किया -  
_वक़्त हाथों से जाने वाला है, कोई लम्हा चुराने वाला है।_  

मुशायरा देर रात तक चला और श्रोताओं की सराहना के बीच कामयाबी के साथ संपन्न हुआ।

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