स्वास्थ्य भवन चौराहे पर किसानों को रोका, पुलिस से नोक-झोंक के बाद DRM ने गठित की जांच टीम: भाकिमयू (सिंघानिया) ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम
लखीमपुर खीरी Apr 20, 2026 at 05:35 PM , 35*लखनऊ/लखीमपुर | 20 अप्रैल 2026*
लखीमपुर खीरी। जनपद की बंद रेलवे क्रासिंगों को खुलवाने की मांग को लेकर आज 'भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया)' के सैकड़ों किसानों को विधानसभा घेराव के लिए जाते समय पुलिस-प्रशासन ने स्वास्थ्य भवन चौराहे पर रोक दिया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के नेतृत्व में किसान जिलाधिकारी कार्यालय, लखनऊ से जुलूस के रूप में विधानसभा की ओर कूच कर रहे थे। स्वास्थ्य भवन चौराहे पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया की पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से तीखी नोक-झोंक भी हुई। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारी, आरपीएफ और सीआरपीएफ के जवान भी मुस्तैद दिखे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने संगठन के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की और माहौल को शांत कराया।
*DRM से वार्ता, बनी 4 सदस्यीय जांच टीम*
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के नेतृत्व में 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की मण्डल रेल प्रबंधक (DRM), पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल से तत्काल मुलाकात करवाई गई।
वार्ता के दौरान संगठन ने DRM को ज्ञापन सौंपते हुए अवगत कराया कि भीरा थाना क्षेत्र के मटेहिया, बोझवा एवं दौलतपुर की रेलवे क्रॉसिंगों को बंद किए जाने से किसानों का खेतों तक ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाना असंभव हो गया है। 24 जनवरी 2026 को 10 दिन में समाधान के आश्वासन के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते 15 अप्रैल से बोझवा क्रॉसिंग पर अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है।
*राष्ट्रीय अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर DRM का एक्शन*
एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के हस्तक्षेप के बाद मण्डल रेल प्रबंधक ने तत्काल एक चार सदस्यीय टीम गठित करने के आदेश दिए। यह टीम दिनांक 22 अप्रैल 2026 को बोझवा क्रॉसिंग स्थित धरना स्थल पर पहुंचकर मौके की स्थिति का जायजा लेगी और अपनी रिपोर्ट DRM को सौंपेगी, जिसके आधार पर समस्या की गंभीरता को देखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा।
*10 दिन का अल्टीमेटम बरकरार*
एडवोकेट सिंघानिया ने DRM के समक्ष स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों के भीतर क्रॉसिंगों को नहीं खोला गया तो 01 मई 2026 को संगठन 'रेल रोको आंदोलन' और भीरा-पलिया मार्ग का चक्का जाम करने को बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी रेलवे विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।
DRM से वार्ता और जांच टीम गठित होने के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल विधानसभा घेराव स्थगित कर दिया। जिला अध्यक्ष (लखनऊ) मुनिस पहलवान ने बताया कि संगठन अब 22 अप्रैल को आने वाली टीम और DRM के जवाब का इंतजार करेगा।































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