सीखने की ललक _
Feb 28, 2022 at 02:45 PM , 606उच्चकोटि की समझ पाने व इसे विकसित करने के लिए जिन्दगी, समाज व परिवेश को बड़े विस्तार के साथ जितना डूबकर पढ़ना जरूरी होता है, उतना ही शास्त्रीय व सर्जनात्मक पुस्तकों का वृहद अनुशीलन भी अनिवार्य होता है। ...
उच्चकोटि की समझ पाने व इसे विकसित करने के लिए जिन्दगी, समाज व परिवेश को बड़े विस्तार के साथ जितना डूबकर पढ़ना जरूरी होता है, उतना ही शास्त्रीय व सर्जनात्मक पुस्तकों का वृहद अनुशीलन भी अनिवार्य होता है। ...
पुरानी पेंशन बहाली राज्य का विषय है सिद्ध करती राजस्थान सरकार। लगभग अठारह वर्षों से पुरानी पेंशन की लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों को रेगिस्तान से मिला आस रूपी एक बूंद का सहारा। वहीं हिमाचल प्रदेश विधानसभा ...
दुनिया अजब-गजब रहस्यों से भरी हुई है. एक रहस्य सुलझता है तब तक दूसरा रहस्य सामने आ जाता है. दुनिया के हर देश में आपको कुछ ऐसी जगहें जरूर मिल जाएंगी जिनके बारे में बहुत कम लोगों को पता होता है. इन जगहो ...
प्रेमी का जीवनकाल जिस दौरान वह प्रेम की बगिया में हिरन की तरह डग भर रहा होता है केवल प्रेमास्पद के हृदय-दान पर निर्भर करता है। प्रेमास्पद के उन्मुक्त समर्पण, अकुण्ठ अनुराग और कोमल स्नेहिल स्पर्श से प् ...
मेड़ पर कहीं से छिटक कर आए सरसो के दो शाक अब फूल गये हैं। खेत की ओर झुके हुए। उस बीघे भर खेत के दो पीले पहरेदार। दोनों लगभग एक ही कद काठी के। मझोले। और इस समय फूलों से एकदम ठस। यों तो उस खेत से कुछ ही ...
दुनिया में एक सड़क ऐसी भी है जिसे बनाने में लगभग दस लाख लोगों की जान चली गई .सोवियत संघ के जमाने में यह सभी लोग कैदी थे और उन्हें देश के पूर्वी इलाके में सड़क बनाने के लिए लगाया गया था .रूस के सुद ...
लखनऊ। सर्वजन हिताय संरक्षण समिति महिला प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष रीना त्रिपाठी ने कहा है कि कर्मचारियों और अधिकारियो ने क्या चुना है पुरानी पेंशन बहाली को हल करने वाली सरकार को चुनने का मुद्दा ...
जैसे कोई आधा भरा हुआ पानी का लौटा खंगालता है, ईश्वर ने कुछ इसी तरह धरती को खंगाला और पाया कि सातों समुद्र पहले की ही तरह भरे हुए थे। हड़बड़ाते हुए ईश्वर ने दुनिया की सारी नदियों के स्रोतों को जांचा, न ...
भारतीय सनातन धर्म का आधार ही वेद और वेदांग से बहुत पहले शुरु हो चुका था। ओंकार के नाथ से शुरू हुआ हमारा ब्रह्मांड,छिति जल पावक गगन समीरा। पंच रचित अति अधम सरीरा पंच तत्वों से शुरू हुआ हमारा जीवन.... ह ...
क्याआप जानते है एकद्वीप ऐसा भी है जहाँ सिर्फ सांप ही रहते है. इस द्वीप पर किसी के भी आने पर प्रतिबन्ध है क्योंकि अगर इस द्वीप पर आये तो यहाँ से वापस जा पाना संभव नही है क्योंकि आप सा ...
*आचार सहिता उल्लंघन के लिए cvigil एप* *-----सुमन गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार* चुनाव लोकतंत्र के उत्सव के रूप में जाना जाता है। यह ऐसा समय होता है, जब देश के नागरिकों को लोकसभा, विधानसभा क ...
साड़ियां तो आपने एक से बढ़कर एक देखी होगी, खरीदी भी होंगी लेकिन क्या कभी कोई ऐसी साड़ी देखी है जो माचिस के डिब्बे में समा सकती हो ! बच्चों के खेलने वाली साड़ी नहीं बल्कि महिलाओं द्वारा पहनने वाल ...
नए मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र को मैं तब से जानता हूं, जब वह बहुत कनिष्ठ आईएएस अधिकारी थे। उनकी चर्चा योग्य एवं ईमानदार अधिकारी के रूप में होती है। उनके साथ दो कठिनाइयां हैं। उत्तर ...
अयोध्या में महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के लिए दलितों की जमीन लेने के मामले में सरकार अयोध्या मंडल के आयुक्त को पद से हटा चुकी है। लेकिन जमीन के लेन-देन के समय डीएम रहे अनुज झा पर भी इस मामल ...
-डाॅ. जगदीश गाँधी, संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) हम तो निमित्त मात्र हैं:- अक्सर यह देखने में आता है कि जब हम किसी की मदद करते हैं तो हमारे अंदर एक अभिमान सा आ ज ...
विवाह एक पवित्र बंधन है . हिन्दू विवाह पद्धति में पति पत्नी एक दूसरेका जन्म जन्मान्तर तक साथ देने का वचन लेते और देते है. बिहार में एक अजीब विवाह पद्धति प्रचलित है. यह है पकडुआ विवाह,पकड़ुआ बियाह में ...
*जीवन की अनदेखी से आक्रोशित बेसिक शिक्षक* *यूपी के लाखों राज्य कर्मचारी और पेंशन भोगी पा सकेंगे कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ, वहीं अनदेखी का शिकार होते बेसिक शिक्षक* प्रश्न उठना वाजिब है यदि र ...
मनुष्य का अन्तर्जगत इतने प्रचण्ड उत्पात-घात,प्रपंचों, उत्थान पतन, घृणा, वासना की धधकती ज्वालाओं और क्षण क्षण जन्म लेती इच्छाओं से घिरा हुआ है कि उसके सामने समुद्र की महाकाय सुनामी क्षुद्र...लघुतर है। ...
*चिंतन वैष्णव, पीवी मधुसूदन राव* दुनिया के अधिकांश हिस्सों की तरह भारत में भी मुख्यधारा के नवाचार इकोसिस्टम में पूरी तरह से भाग लेने के लिए एक नवोन्मेषी को अंग्रेजी में दक्षता की ...
*संजय अग्रवाल, सचिव, कृषि और किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार* हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है, लेकिन भारत के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने म ...
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