प्रमुख सचिव आयुष ने आयुर्वेदिक चिकित्सालय का किया निरीक्षण, पंचकर्म सेवाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश

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**200 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आधुनिक मानकों के अनुरूप स्थापित की जा रही हैं पंचकर्म यूनिट**
 
**लखनऊ, 10 अक्टूबर।** प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष विभाग द्वारा 200 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आधुनिक मानकों के अनुरूप पंचकर्म यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इसी क्रम में गौतमबुद्धनगर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, भाईपुर ब्राह्मण को पंचकर्म केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
 
इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव, आयुष विभाग **श्री रंजन कुमार, आईएएस** ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को प्रातः 8 बजे चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचकर्म इकाई की व्यवस्थाओं, उपचार प्रक्रिया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।
 
## पंचकर्म हट और आयुष वाटिका विकसित करने के निर्देश
 
प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय परिसर में पंचकर्म हट स्थापित करने तथा औषधीय पौधों का रोपण कर आयुष वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचकर्म चिकित्सा सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना, प्रशिक्षित मानव संसाधन, मानक उपकरण और औषधियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
 
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) सहित प्रदेश के सभी पंचकर्म केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों और सुविधाओं का समुचित उपयोग किया जाए, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार और परामर्श मिल सके।
 
## जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के उपचार पर जोर
 
प्रमुख सचिव ने कहा कि पंचकर्म केंद्रों के माध्यम से मधुमेह, गठिया, कमर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस, मोटापा तथा अन्य दीर्घकालिक एवं जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त मरीजों को आवश्यकतानुसार आयुर्वेदिक उपचार और उचित परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
 
उन्होंने चिकित्सालय में स्वच्छता बनाए रखने, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने तथा चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करने के निर्देश भी दिए।
 
## औषधियों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा
 
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय में औषधियों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और चिकित्सकों से कहा कि पंचकर्म सहित सभी उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
 
प्रमुख सचिव ने आयुर्वेदिक सेवाओं और पंचकर्म चिकित्सा के प्रभावी एकीकरण के माध्यम से आयुष वेलनेस, चिकित्सा पर्यटन और जनस्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश को आयुष चिकित्सा एवं पंचकर्म सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता बताई।

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