प्रदेश के किसानों के लिये मददगार साबित हो रहे हैं गन्ना विभाग के ‘कृषक सहायता केन्द्र‘
अन्य खबरे Jul 26, 2022 at 07:53 PM , 355साइबर कैफे संचालकों एवं जनसेवा केन्द्रों द्वारा गन्ना किसानों से अधिक शुल्क वसूली की शिकायतों का गन्ना आयुक्त ने लिया संज्ञान।
विभाग द्वारा गन्ना कृषकों की सुविधा के दृष्टिगत लगभग 451 कृषक सहायता केन्द्र (थ्ंतउमत भ्मसच क्मेाद्ध प्रदेश में किये गये स्थापित।
स्मार्ट गन्ना किसान प्रोजेक्ट के अन्तर्गत उप गन्ना आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी, गन्ना विकास परिषद एवं सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालयों के साथ-साथ चीनी मिलों पर भी स्थापित किये गयेे हैं, ‘कृषक सहायता केन्द्र‘
गन्ना कृषकों को घोषणा-पत्र भरने एवं नई सदस्यता लेने के लिये ऑनलाइन आवेदन करने हेतु चलाया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम
लखनऊ: 26 जुलाई, 2022
प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी श्री भूसरेड्डी ने बताया कि विभिन्न परिक्षेत्रों के गन्ना कृषकों द्वारा दिये गये फीडबैक के आधार पर यह तथ्य सामने आये हैं कि विगत पेराई सत्र में गन्ना किसानों को ऑनलाइन घोषणा-पत्र भरने एवं समिति सदस्यता लेने हेतु स्थानीय साइबर कैफे संचालकों एवं जनसेवा केन्द्रों के द्वारा मनमाना शुल्क वसूला गया, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाई हुई। इस समस्या के निराकरण के लिये एस.जी.के.(स्मार्ट गन्ना किसान) प्रोजेक्ट पर ऑनलाइन घोषणा-पत्र भरने एवं नई सदस्यता हेतु आवेदन करने आदि में प्रशिक्षित किये जाने हेतु चीनी मिलवार उप गन्ना आयुक्त के निर्देशन में गन्ना कृषकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि गन्ना समितियों की ऑनलाइन सदस्यता लेने एवं घोषणा-पत्र भरने से संबंधित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत गन्ना कृषकों एवं उनके परिवार के किसी सदस्यों को उनके एन्ड्रॉयड मोबाइल फोन पर घोषणा-पत्र भरने एवं नई सदस्यता हेतु आवेदन करने का विधिवत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 जुलाई, 2022 तक चलाया जायेगा। गन्ना आयुक्त ने कृषकों से अपील की है कि इस प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर स्मार्ट गन्ना किसान बनें तथा साइबर कैफे एवं जनसुविधा केन्द्रों पर होने वाली किसी भी ठगी का शिकार होने से बचें।
श्री भूसरेड्डी ने यह भी बताया कि गन्ना किसानों को ऑनलाइन घोषणा-पत्र भरने एवं समिति सदस्यता लेने हेतु प्रदेश स्तर से विभाग एवं चीनी मिलों के गन्ना कार्यालयों यथा- उप गन्ना आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, सचिव एवं चीनी मिल के गन्ना प्रबन्धन कार्यालयों पर 451 कृषक सहायता केन्द्रों (थ्ंतउमत भ्मसच क्मेाद्ध की स्थापना की गयी है। इन सहायता केन्द्रों पर गन्ना समितियों की ऑनलाइन सदस्यता लेने एवं घोषणा-पत्र भरने के लिये विभागीय कार्मिकों द्वारा गन्ना कृषकों को निःशुल्क सहायता प्रदान की जा रही है।
गन्ना आयुक्त ने किसानों से अपील की है कि यदि प्रशिक्षण के उपरांत भी उन्हें घोषणा-पत्र भरने एवं समिति सदस्यता लेने में समस्या आती है तो उनकी सहायता के लिए विभागीय कार्यालयों में कृषक सहायता केन्द्र (थ्ंतउमत भ्मसच क्मेाद्ध स्थापित किये गये हैं, जहां पर उन्हें निःशुल्क घोषण-पत्र एवं समिति सदस्यता ऑनलाइन भरने हेतु सहायता त्वरित रूप से उपलब्ध करायी जायेगी।
प्रदेश की विभिन्न परिक्षेत्रों के गन्ना कार्यालयों मेंनिम्नानुसार कृषक सहायता केन्द्रों की स्थापना गन्ना किसानों के हितार्थ की गयी है-
क्र.सं परिक्षेत्र का नाम स्थापित कुल कृषक सहायता केन्द्रों की संख्या
1 2 3
1 सहारनपुर 56
2 मेरठ 57
3 मुरादाबाद 72
4 बरेली 55
5 लखनऊ 66
6 अयोध्या 35
7 देवीपाटन 37
8 गोरखपुर 30
9 देवरिया 43
योग 451



























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