योगी सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने दिया इस्तीफा, सपा में शामिल

जनपत की खबर , 359

लखनऊ | यूपी में विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही भाजपा का जहाज डूबने लगा है और भाजपा के जहाज से राजनेता भाग रहे हैं और सुरक्षित स्थान तलाश रहे हैं। आज यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार और भाजपा डूबता हुआ जहाज बनकर रह गई है। इसपर कोई नहीं बैठना चाहता है, क्योंकि जहाज के डूबने पर उसके भी डूब जाने का खतरा मंडरा रहा है। यूपी के श्रम मंत्री और पिछड़ों के बड़े नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने योगी सरकार से मंत्री पद से और भाजपा से इस्तीफा दे दिया है और सपा को ज्वाईन कर लिया है। स्वामी प्रसाद मौर्या ने भाजपा को छोड़कर सपा ज्वाईन कर मजबूत ठौर तलाश लिया है। स्वामी प्रसाद मौर्या के भाजपा को छोड़ देने से भाजपा को तगड़ा झटका लगा है।गोरतलब हो कि स्वामी प्रसाद मौर्या योगी आदित्यनाथ की सरकार में श्रम मंत्री थे। वह पिछड़ी जातियों में मौर्य बिरादरी के बड़े नेता हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उनको अपने साथ लाने के लिए बड़ी कसरत की थी, तब वह बसपा को छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। 2017 में भाजपा की सरकार बनने पर उनको श्रम मंत्री बनाया गया था। स्वामी प्रसाद मौर्या को उनके कद और वरिष्ठता को नज़रअंदाज़ कर दिया गया था। लेकिन समय और परिस्थितियों के चलते वे चुप रहे। वह भाजपा में अपने को फिट नहीं कर पा रहे थे। स्वामी प्रसाद मौर्या की अपनी बिरादरी के वोटों पर मज़बूत पकड़ है। इसीलिए अमित शाह उन्हें अपने संपर्क में सीधे रखते थे और उनकी अमित शाह से सीधे बात होती थी। लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्या अपनी उपेक्षा को लेकर भाजपा से नाराज थे और उनकी दिक्कत को अमित शाह भी नहीं दूर कर पाए। यही वजह है कि स्वामी प्रसाद मौर्या ने भाजपा के डूबते जहाज को छोड़ कर साईकिल की सवारी कर ली एवं सपा को ज्वाईन कर लिया। स्वामी प्रसाद मौर्या का असर पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में है। उनकी अपनी बिरादरी के वोटरों पर तगड़ी पकड़ है। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है कि स्वामी प्रसाद मौर्या जनता के काम करते हैं और जनता को टरकाते नहीं हैं।.स्वामी प्रसाद मौर्या के भाजपा को छोड़कर जाने से भाजपा को तगड़ा झटका लगा है ।

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