नहर में लोहे के जाल में फंसे मृत पशु , कई घंटे बाद निकाले गए  

जनपत की खबर , 517

फिरोजाबाद/शिकोहाबादः नगर के स्टेशन रोड स्थित भोगनीपुर ब्रांच नहर में सोमवार को मृत कई पशुओं के शरीर निर्माणाधीन पुल के लिए बनाए गए लोहे के एंगिलों में फंस गए। जब सुबह के समय स्थानीय लोगों की नजर पड़ी, तो सभी हैरान रह गए, क्योंकि ये सभी मृत पशु पानी में बहकर यहां आकर अटक गए थे। इनसे काफी बदबू भी आने के कारण दुकानदार तथा राहगीरों को निकलने में परेशानी हो रही थी। कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकान तक बंद कर दी। वहीं इसकी सूचना अधिकारियों को दे दी गई। सूचना मिलते ही तुरंत एसडीएम नरेंद्र सिंह सबसे पहले मौके पर पहुंच गए और जांच में जुट गए। सोमवार को स्टेशन को जाने वाले भोगनीपुर नहर पुल का निर्माण किया जा रहा है। नहर करीब एक हफ्ते से खाली पडी हूई थी। सेमवार सुबह नो बजे नहर मे पानी छोडा गया तो स्टेशन रोड पर बन रहे पुल के जाल में 8 पशु आकर फंस गए पशु के फंसे होने के बाद स्थानीय लोगों ने हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी लोगों ने स्थानीय प्रशासन को दे दी गई। जानकारी मिलते ही एस्डीएम नरेंद्र सिंह तुरंत बिना कोई समय गवाए मौके पर पहुंचे। सबसे पहले उप जिलाधिकारी के पहुंचने के बाद उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फोन द्वारा मौके पर न पहुंचने पर काफी नाराजगी जताई। वही ईओ नगरपालिका को तुरंत इन पशुओं को निकलवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। एसडीएम को मौके पर पहुंचने की जानकारी मिलते ही अधीनस्थ अधिकारियों में भी हलचल मच गई। लगभग आधा घंटे से अधिक समय के बाद पालिका एवं पशु चिकित्सालय के डॉक्टर मौके पर पहुंचे, जिन्हें एसडीएम ने समय से ना पहुंचने पर हड़काया। इसके बाद पालिका की टीम द्वारा इनको निकलवाया। वहीं सीओ, थाना प्रभारी तथा जिला पशु चिकित्साधिकारी भी जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। 
इसके बाद नगरपालिका की टीम तथा थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचने के बाद पशुओं को निकलवाने की व्यवस्था की। अधिशाषी अधिकारी अवधेश कुमार, एसआई दिनेश यादव व कुलदीप सिंह  द्वारा कुछ युवकों को फंसे हुए जानवरों को निकालने के लिए लगाया तथा इन्हें पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मास्क व ग्लब्स पहनाकर मृत जानवरों को निकालने के लिए जाल के निकट भेजा, जिसके बाद इन लोगों द्वारा उन को एक-एक कर काफी मशक्कत के बाद निकालना शुरू किया  वहीं जेसीबी से मृत जानवरों को निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सक की देखरेख में ले जाया गया। जानकारी मिलने के बाद क्षेत्राधिकारी इंदुप्रभा सिंह तथा जिला पशु चिकित्सा अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इधर राजस्व विभाग की टीम ने भी पहुंच कर इसकी पूरी लिखा - पड़त की। वही एसडीएम नरेंद्र सिंह का कहना था कि कई बिंदुओं पर इसकी जांच कराई जाएगी, क्योंकि हो सकता है कि इनको किसी ने मारकर फेंका गया हो या फिर यह कहीं फस गई हों , या आस पास के ग्रामीणों ने मृत हो जाने के बाद नहर में फेंक दिया गया हो। नहर मे पानी आजाने गौवंश बहते हुए आ गए मृत सभी जानवरों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही सही जानकारी निकल कर सामने आएगी, जिसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी । 
    
जब समाजसेवी को दिखाया आईना 
एसडीएम  नरेंद्र सिंह जब वहां पहुंचे, तो उसी वक्त अपना चेहरा दिखाने के लिए एक समाजसेवी भी पहुंच गए। अपने आप को गौ सेवक बताने वाले उक्त समाजसेवी के पहुंचते ही एसडीएम नरेंद्र सिंह ने उन्हें काफी फटकार लगाई । एसडीएम का कहना था क्या तुम केवल फोटो खिंचवाने तक ही सीमित हो । यदि वह वास्तविकता में काम नहीं करना चाहते तो क्यों फोटो खिंचवाने के लिए आ जाते हैं। अभी तक गायों के लिए क्या किया कभी किसी गाय या गौशाला में गायों को चारा खिलवाया जिस संस्था से जुड़े हो उसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी । केवल फर्जी फिकेशन के आधार पर काम नहीं कर सकते एसडीएम तल्ख मिजाज होते ही उक्त समाजसेवी गौसेवक कहलाने वाले बगले झांकने लगे तथा कुछ भी उत्तर नहीं दे पाए।

 

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