डीएलएड से भी युवाओं का मोह भंग,50 हजार आवेदन भी नहीं

जनपत की खबर , 384

लखनऊ। यूपी में बीएड की तरह से डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) से भी युवाओं का मोह भंग हो रहा है। यही कारण है​ कि ढाई लाख सीटों पर अभी तक 50 हजार आवेदन भी नहीं आ सके हैं। जबकि आवेदन की अंति​म तिथि 10 अगस्त है, महज 6 दिनों में शेष सीटें कैसे भरेंगी इस बारे में अधिकारियों का कहना है कि अभी आवेदन की तिथि और बढ़ाने पड़ेगी। दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम डीएलएड प्रशिक्षण 2021 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों के आवेदन करने की रफ्तार बेहद धीमी है। पिछले 20 दिनों से चल रही आवेदन प्रक्रिया के तहत अभी आवेदन का आकड़ा दो लाख पार कर जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।
दरअसल डीएलएड-2021 में प्रवेश के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने विज्ञापन जारी कर अभ्यर्थियों से आनलाइन आवेदन मांगे हैं। जिन संस्थाओं में प्रवेश दिया जाएगा, उनमें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सीटीई वाराणसी तथा एनसीटीई से मान्यता के बाद संबद्ध निजी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं। अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाना है। प्रवेश के लिए आवेदन की स्थिति यह है कि अगर सभी आवेदकों को दाखिला दे दिया जाए, तब भी सीटें भरना मुश्किल हैं। यह स्थिति इसी साल नहीं है। 2020 के सत्र में कोरोना के चलते आवेदन नहीं लिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि 20 जुलाई से आवेदन लिए जा रहे हैं लेकिन 50 हजार भी सीटे नहीं भरी हैं। जबकि कुल सीटें 2 लाख 40 हजार 200 हैं। वहीं आवेदन का मौका 10 अगस्त तक है। इस तरह शेष बचे करीब एक सप्ताह में सीटों के मुताबिक आवेदन आना मुश्किल है। पिछले साल कोरोना महामारी के चलते प्रवेश नहीं हुआ था। उसके पहले के दो वर्षों की भी स्थिति चिंताजनक ही रही है।
इससे पहले 2019 के सत्र में 69,515 और 2018 में भी 76,929 सीटें रिक्त रह गई थीं। अब देखना है कि अंतिम तिथि में शेष बचे एक सप्ताह में कितने आवेदन और होते हैं। इस साल के लिए अब तक कम आवेदन को लेकर परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव संजय उपाध्याय का मानना है कि इसका प्रमुख कारण कोरोना महामारी के चलते विश्वविद्यालयों का रिजल्ट प्रभावित होना है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों का झुकाव बीएड की ओर होना भी एक कारण है।

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