यूपी पुलिस उपनिरीक्षक परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, बिहार से वांछित आरोपी अमन कुमार गिरफ्तार
जनपत की खबर May 02, 2026 at 10:33 PM , 19लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित यूपी पुलिस उपनिरीक्षक (UPSI) लिखित परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF), उत्तर प्रदेश को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने इस मामले में वांछित आरोपी अमन कुमार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया है।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी अमन कुमार पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर टेलीग्राम चैनल के माध्यम से परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की साजिश रची थी। यह कार्रवाई मु0अ0सं0-24/2026 के तहत की गई है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमन कुमार पुत्र अर्जुन पटेल, निवासी ग्राम बालूघाट जंगली माई स्थान, पोस्ट कम्पनी बाग, थाना सिकंदरपुर, जनपद मुजफ्फरपुर (बिहार) के रूप में हुई है। उसे 1 मई 2026 को उसके गांव से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है।
14-15 मार्च को हुई थी परीक्षा
गौरतलब है कि 14 और 15 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में यूपी पुलिस उपनिरीक्षक लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा से ठीक पहले टेलीग्राम चैनल के जरिए प्रश्नपत्र लीक कराने की सूचना सामने आने के बाद 13 मार्च 2026 को थाना हुसैनगंज, लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया था। पुलिस उपाधीक्षक सुधांशु शेखर के पर्यवेक्षण में लगातार अभिसूचना संकलन और तकनीकी निगरानी की जा रही थी।
मुखबिर और सर्विलांस से मिली सफलता
एसटीएफ की टीम को मुखबिर और सर्विलांस के माध्यम से सूचना मिली कि वांछित आरोपी अमन कुमार मुजफ्फरपुर के बालूघाट क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद एसटीएफ मुख्यालय की टीम बिहार रवाना हुई और स्थानीय स्तर पर निगरानी के बाद आरोपी को दबोच लिया।
इस अभियान में उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक नितिन यादव तथा आरक्षी अवनीश यादव, पुष्प कुमार और राजेश तिवारी शामिल रहे।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
एसटीएफ पूछताछ में आरोपी अमन कुमार ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी सूर्याश के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से “UPSI EXAM PAPER 2026” नामक टेलीग्राम चैनल संचालित करता था।
आरोपी ने बताया कि उनका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराकर परीक्षा की निष्पक्षता भंग करना और अभ्यर्थियों से धन उगाही कर अवैध लाभ कमाना था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि धोखाधड़ी से प्राप्त रकम अमन कुमार के बैंक खाते में मंगाई जाती थी।
एसटीएफ के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी और उसके साथियों ने पहले भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर लोगों से ठगी की है।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी को थाना हुसैनगंज, लखनऊ लाकर दर्ज मुकदमे में दाखिल करने की कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
यह गिरफ्तारी प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर चोट करने वाले नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।































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