थप्पड़ कांड में आया नया मोड़ा, आपस में भिड़े पुलिसकर्मी

जनपत की खबर , 429

लखनऊ। राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में बीते दिनों एक लड़की द्वारा कैब ड्राइवर की पिटाई के मामले में अब नया मोड़ आ गया है, और ​पूरे मामले की बिना जांच पड़ताल के कैब ड्राइवर के खिलाफ हुई कार्रवाई पुलिस के लिए गले की फांस बन गयी है। इस केस में जहां पुलिस की भूमिका पर अब सवालिया निशान उठने लगा है तो कुछ पुलिस कर्मियों पर गाज गिरना भी तय है। ऐसे में अब थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी आपस में ही भिड़ गये हैं। साथ ही घूसखोरी और का भी आरोप लगाया है।

थाना प्रभारी और इंस्पेक्टर महेश दुबे ने कहा कि उनकी गैर मौजूदगी में भोलाखेड़ा के चौकी इंचार्ज हरेंद्र यादव ने कैब ड्राइवर से गाड़ी छोड़ने की एवज में रुपए लिए थे। इसकी रिपोर्ट भी कमिश्नर को सौंपी जा चुकी है। वहीं, चौकी इंचार्ज ने इंस्पेक्टर को ही कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वह खुद को बचाने के लिए मुझे झूठा फंसा रहे हैं। कृष्णानगर इंस्पेक्टर महेश दुबे का कहना है कि 30 जुलाई की घटना वाली रात ईको गार्डन धरनास्थल पर ड्यूटी कर रहे थे।
इसी समय साहब की कॉल आई कि कोई ब्लैक एसयूवी कार कोतवाली में खड़ी की गई है। गाड़ी पर मजिस्ट्रेट लिखा है, कार एटा एसडीएम की है, जफर नाम का आदमी पहुंच रहा है। उसे गाड़ी दे दो, चूंकि वह कोतवाली में नहीं थे। इसलिए भोलाखेड़ा चौकी प्रभारी हरेंद्र यादव को फोन करके गाड़ी छोड़ने को कहा। बाद में कोतवाली आने पर पता चला कि पीड़ित सआदत अली की कैब भी आई थी जिसे गेट से छोड़ दिया गया। लेकिन एसयूवी छोड़ने के एवज में हरेंद्र यादव ने रुपए लिए थे।

वहीं दरोगा हरेंद्र यादव का कहना है कि घटनास्थल उनके चौकी क्षेत्र में था। इसलिए वह कैब के साथ चालक सआदत अली और उसकी पिटाई करने वाली लड़की प्रियदर्शिनी नारायण को कोतवाली लाए थे। देर रात सआदत को तलाश करते हुए उसके भाई इनायत और दाऊद एसयूवी से कोतवाली पहुंचे। दोनों को भी कोतवाली में बैठा लिया गया। कैब और एसयूवी को भी कब्जे में ले लिया गया।

वहीं इत्तेफाक से जिस कार को पहले छोड़ा गया वह एटा के एसडीएम अबुल कलाम की थी। पुलिस के तेवर देख डरे सहमे युवकों ने खुद को एसडीएम का रिश्तेदार बता दिया। अपनी गाड़ी थाने में बंद होने की जानकारी पाकर एसडीएम ने एसीपी को कॉल करके गाड़ी छोड़ने की गुजारिश की। उनकी सिफारिश के बाद भी पुलिस ने रुपए लेकर गाड़ी छोड़ी। दूसरे दिन घटना का वीडियो वायरल हुआ तो बेगुनाह युवकों को दबंग साबित करने के लिए पुलिस ने एसडीएम का नाम और मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि युवक एसडीएम के नाम पर रौब गांठ रहे थे।
इंस्पेक्टर महेश दुबे ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की सच्चाई के साथ रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी है। इसके आधार पर सआदत की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर की विवेचना कृष्णानगर कोतवाली से हटाकर बंथरा थाने को सौंप दी गई है। विवेचना में खुद सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।

दरअसल घटना 30 जुलाई की शाम की है। यहां वजीरगंज थानाक्षेत्र के जगतनारायण रोड निवासी कैब चालक सआदत अली 30 जुलाई की रात एयरपोर्ट की तरफ से लौट रहा था। बाराबिरवा चौराहे पर केशरीखेड़ा निवासी लड़की प्रियदर्शिनी नारायण ने चौराहे पर उसकी कैब रोककर टक्कर मारने का आरोप लगाकर पुलिस की मौजूदगी में उसे जमकर पीटा। उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया और डैशबोर्ड पर रखा 600 रुपया ले लिया। पुलिस कैब सहित सआदत और लड़की को कोतवाली ले गई। सआदत को ढूंढते हुए उसके दोनों भाई भी पहुंचे। पुलिस ने तीनों को रात भर लॉकअप में रखा और दूसरे दिन 151 में चालान कर दिया।

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