ग्रेटर नोएडा में होगा 160 करोड़ रुपए का निवेश, एक हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार

अन्य खबरे , 300

ग्रेटर नोएडा ।
औद्योगिक निवेश के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उद्यमियों के लिए पसंद बनता जा रहा है। ग्रेटर नोएडा ने गुरुवार को 41 औद्योगिक इकाईयों के लिए जमीन आवंटित कर दी। इन औद्योगिक इकाइयों के लगने से 160 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यही नहीं यहां पर दो से तीन साल में 1300 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 25 मई औद्योगिक भूखंड योजना लांच की थी। इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून थी। योजना में शामिल 41 भूखंड ये सभी भूखंड सेक्टर ईकोटेक 10 व 11 में हैं। इसके लिए 186 आवेदन आए थे। 157आवेदन सही पाए गए। 40 आवेदकों ने एकमुश्त भुगतान का विकल्प चुना है। इसमें 38 भूखंड 905 वर्ग मीटर से 3603 वर्ग मीटर के थे। इन भूखंडों का आवंटन ड्रा के जरिए किया गया। तीन भूखंड 4061 वर्ग मीटर के थे। इनका आवंटन आवंटन साक्षात्कार के जरिए किया गया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में यह प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इन आवेदकों को 17.50 एकड़ जमीन आवंटित की गई। इससे प्राधिकरण को 78 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। 

अधिकारियों ने बताया कि इससे 160 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अलावा 1300 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। ये कंपनियां दो से तीन साल में शुरू हो जाएंगी। 40 आवेदकों ने एकमुश्त भुगतान का विकल्प चुना है। ड्रा प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए प्राधिकरण के एसीईओ दीपचंद्र, ओएसडी शिवप्रताप शुक्ला व सचिन कुमार सिंह, जीएम वित्त एचपी वर्मा आदि अधिकारी मौजूद रहे।

*मंगलवार को 5 कंपनियों को जमीन आवंटित की थी*

प्राधिकरण ने मंगलवार को पांच बड़ी कंपनियों को जमीन आवंटित की थी। इसमें 62 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। इससे प्राधिकरण को 200 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। ये कंपनियां भी दो साल में शुरू हो जाएंगी। ये कंपनियां यहां पर 922 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। 5700 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जुलाई में 46 कंपनियों को जमीन आवंटित की है। इनसे करीब 1100 करोड़ रुपये का निवेश होगा। 7000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

*कम समय शुरू हो सकेंगे काम*

ग्रेटर नोएडा के पार्क, ग्रीन बेल्ट व रोड साइड ग्रीनरी आदि काम कम समय में हो सकेंगे। सीईओ ने स्वीकृत से लेकर काम शुरू कराने की प्रक्रिया को 30 से 45 दिन में पूरा करने का निर्देश दिया है। अभी तक यह प्रक्रिया पूरी करने में 90 दिन तक लग रहे थे। सीईओ नरेंद्र भूषण ने कहा कि कागजी प्रक्रिया पूरी करने में अधिक समय लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीईओ ने पार्कों व ग्रीन बेल्ट के रखरखाव व मरम्मत कार्यों में देरी पर नाराजगी जाहिर की। बैठक में एसीईओ अमनदीप डुली, जीएम एके अरोड़ा, सीके त्रिपाठी, कपिलदेव आदि मौजूद रहे।

Related Articles

Comments

Back to Top