रेमडेसिविर की 93 वायल मिलीं नकली, प्रशासन ने दवा कंपनी को भेजा नोटिस, कार्रवाई की तैयारी

अन्य खबरे , 237

नोएडा ।
कोरोना महामारी के इस भयावह दौर में भी कालाबाजारी का कारोबार जारी है। खासकर इसमें शामिल तत्वों ने उन दवाओं और इंजेक्शन की कालाबाजारी की, जिनकी जरूरत मरीजों की जान बचाने के लिए बेहद आवश्यक थी। हालांकि जिला औषधि विभाग और नोएडा पुलिस ने ऐसे तत्वों पर लगाम लगाने की पुरजोर कोशिश की। अप्रैल में औषधि विभाग व पुलिस की छापेमारी में जब्त की गई रेमडेसिविर की 96 वायल में 93 जांच में नकली मिली हैं। इन नकली वायल की कीमत 4.80 लाख रुपये है। 

*96 वायल के साथ गिरफ्तार हुआ था आरोपी*

जांच में सिर्फ बंग्लादेशी कंपनी की दो वायल ही सही मिले। जबकि एक अन्य कंपनी की वायल एक्सपायर होने के कारण जांच के लिए नहीं भेजी गई। औषधि विभाग को रेमडेसिविर इंजेक्शन की जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला से 24 मई को प्राप्त हुई। औषधि निरीक्षक वैभव बब्बर ने बताया कि 21 अप्रैल को औषधि विभाग और पुलिस ने संयुक्त रुप से अभियान चलाकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे से एक युवक को तीन अलग अलग कंपनियों के रेमडेसिविर की 96 वायल के साथ गिरफ्तार किया गया था। आरोपित रेमडेसिविर इंजेक्शन हरियाणा से नोएडा होते हुए दिल्ली लेकर जा रहा था। इन सभी वायल को औषधि विभाग ने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। 

*93 वायल नकली मिली*

इन 96 वायल में से 93 हेट्रो कंपनी की थी। ये सभी जांच में नकली मिली हैं। इसमें रेमडेसिविर का साल्ट नहीं मिला। दो वायल बंग्लादेशी कंपनी इनसेप्टा के थे। जोकि जांच में सही पाए गए हैं। जबकि एक वायल मायलोन कंपनी का था। यह पहले से ही एक्सपायर था। जिसके चलते वायल को जांच के लिए नहीं भेजा गया। औषधि विभाग ने रेमडेसिविर इंजेक्शन नकली मिलने के बाद दवा कंपनी को नोटिस देकर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में हरेक पहलू की जांच की जाएगी। दवा के उपयोग की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कंपनी से जवाब मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी

Related Articles

Comments

Back to Top