अंतरराष्ट्रीय कॉल एक्सचेंज सेंटर से सरकार को हुआ करोड़ों का नुकसान, आतंकी गतिविधियों को लेकर पूछताछ शुरू
अन्य खबरे May 27, 2021 at 01:03 PM , 310नोएडा ।
- इंटरनेशनल कॉल को निजी सर्वर में लैंड कराकर कॉलिंग कराने वाले फर्जी एक्सचेंज का खुलासा
- नोएडा के सेक्टर 62 में सेटअप लगाकर विदेशी कॉल को गेटवे के माध्यम से करते थे कंट्रोल
- तीन आरोपी गिरफ्तार, गैंग का सरगना फरार
नोएडा सेक्टर-62 के आइथम टावर में चल रहे एक फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का कोतवाली सेक्टर 58 पुलिस ने बुधवार को खुलासा किया है। इस फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज से इंटरनेशनल वॉइस कॉल को निजी सरवर में लैंड कराकर कॉलिंग कराई जा रही थी। इससे भारत सरकार को काफी राजस्व का नुकसान हो रहा था। पुलिस की टीम ने इस गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में सीपीयू, मॉनिटर से लेकर अन्य तकनीकी सामान बरामद किया है। इस पूरे नेटवर्क का मुंबई में बैठा मास्टरमाइंड फरार चल रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से आंतरिक सुरक्षा को लेकर आईबी की टीम ने भी पूछताछ की है।
नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि कोतवाली सेक्टर 58 पुलिस को टाटा टेलीकॉम सर्विसेज की तरफ से एक शिकायत मिली थी। इस शिकायत के बाद कोतवाली सेक्टर 58 पुलिस की टीम टाटा टेलीकॉम के नोडल अधिकारी अनिल शर्मा और दूरसंचार विभाग के अधिकारी अभिषेक शुक्ला के साथ सेक्टर 62 के आईथम टावर में दबिश दी। जिसमें पता चला कि यहां इबाद सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कॉल सेंटर चल रहा है। जब यहां जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि यहां इंटरनेशनल लेवल का टेलीफोन एक्सचेंज चल रहा है। इसके बाद पुलिस की टीम ने मौके से मुख्य आरोपी मुरादाबाद निवासी ओवेस आलम, गाजियाबाद निवासी पुष्पेंद्र कुमार और विजय नगर निवासी पवन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। ओवैस आलम स्थानीय स्तर पर इस पूरे गिरोह का सरगना है और वह मुंबई में बैठा मोहसिन के लिए काम करता है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि यह लोग नवंबर 2020 से इस काम को कर रहे थे और इससे भारत सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ है। इसके साथ ही भारत की आंतरिक सुरक्षा को लेकर भी खतरे की आशंका जताई जा रही है।
*ऐसे होती थी कॉलिंग*
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आवेस आलम सेक्टर 62 में ऑफिस खोल कर फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चला रहा था। यहां पर इन लोगों का पूरा सेटअप तैयार था। लेकिन यहां कोई व्यक्ति नहीं बैठता था। पूरा सिस्टम रिमोट के आधार पर चलता था और आवेस मुरादाबाद में बैठकर अपने अन्य साथियों के माध्यम से इस सिस्टम को चलाता था। जांच में पता चला है कि ये आरोपी टाटा टेलीकॉम से कनेक्शन लेकर गेटवे के माध्यम से सरवर में कनेक्ट कर इंटरनेट से कंट्रोल करते थे। इसके बाद इंटरनेशनल कॉलिंग को इंडिया में गेटवे के माध्यम से लैंड करवाते थे। इसमें लोकेशन विदेश का शो नहीं हो रहा था लेकिन टाटा टेलीकॉम का नंबर नोएडा एसटीडी कोड से दिख रहा था। गिरफ्तार आरोपी आवेस आलम मुरादाबाद स्थित अपने घर पर पूरा सेटअप लगा रखा था वहां से ही नोएडा में रखे गए सर्वर को कंट्रोल कर रहा था।
*खाड़ी देशों से आने वाले कॉल को कर रहे थे डायवर्ट*
पुलिस जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी खाड़ी देशों से आने वाले कॉल को डायवर्ट कराकर दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों के लोगों की कॉलिंग करा रहे थे। खाड़ी देशों में रहने वाले लोग अपने परिजनों से कम पैसे में बात कर रहे थे और बात कराने वाले यह आरोपी दूरसंचार विभाग और भारत सरकार से अलग एक अपनी लाइन बना ली थी। जिसका कुछ भी पैसा नहीं लगता था। इससे विदेश से कॉल करने वाले लोगों को कम पैसे में बात हो जाती थी और गिरफ्तार आरोपियों को जितना भी पैसा मिलता था वह पूरा लाभांश ही था।
*हर महीने भारत सरकार को 25 लाख का नुकसान हुआ*
टाटा टेलीकॉम सर्विसेज के अधिकारियों ने बताया कि इस फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज से कंपनी को नुकसान तो हो ही रहा था साथ ही भारत सरकार को हर महीने करीब 25 लाख रुपए का नुकसान हो रहा था। अधिकारियों का कहना है कि दरअसल यह लोग बिना भारत सरकार के परमिशन और बिना उनके जानकारी के ही सरवर और अन्य तकनीकी माध्यमों से अलग टेलीकॉम लाइन ही चला रहे थे। जिससे कॉल आने वाले लोगों को तो लगता था कि यह नोएडा के नंबर से एक्सचेंज होकर उनके पास फोन आ रहा है लेकिन ऐसा नहीं था। इसमें कोई आतंकी गतिविधि में शामिल लोग भी इन नंबरों और इस टेलीकॉम लाइन का इस्तेमाल कर सकता था। हालांकि किसी आतंकी गतिविधि और भारत की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसी आईबी की टीम आरोपियों से लगातार पूछताछ की है और इस मामले की जांच कर रही है।
*सेक्टर 63 में भी चल रहा था एक ऑफिस*
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सेक्टर 63 के ए 37 में भी इन लोगों की एक कंपनी चल रही है जहां से फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का काम हो रहा था। जब कोतवाली सेक्टर 58 पुलिस ने इसकी सूचना दी तो कोतवाली फेज 3 पुलिस ने भी सेक्टर 63 में चल रहे ऑफिस में दबिश देकर इस गिरोह के एक अन्य आरोपी अमूल्य को भी गिरफ्तार कर लिया है। सेक्टर 63 में इन लोगों का कोई बहुत बड़ा सेटअप नहीं था वहां लोगों ने ऑफिस बना कर रखा था।
*बरामदगी*
एक कार, लगभग 12 हजार रुपए, 14 छोटी बैटरी, पांच सर्वर, एक सिम बॉक्स, लैपटॉप, 80 सीपीयू, 54 मॉनिटर, 87 कीबोर्ड, 107 माउस, 158 पावर केबल, 11 मुहर, 12 हार्ड डिस्क, 32 सिग्नल एंटीना, 26 नेटवर्किंग केबल, एक आईफोन, 25 विजिटिंग कार्ड, 24 सिम कार्ड, एटीएम कार्ड आधार कार्ड आरसी पैन कार्ड पासपोर्ट आदि।
पुलिस ने एक फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज नेटवर्क का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी सर्वर के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय वॉइस कॉल को भारतीय नंबर पर ट्रांसफर करवा कर भारत सरकार को राजस्व का काफी नुकसान करा रहे थे और इससे भारत की सुरक्षा को भी खतरा था।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा ।।



























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