टिड्डी दल के प्रकोप की दशा में जिला कृषि रक्षा अधिकरी ने किसानों को दिये सुझाव
अन्य खबरे May 22, 2021 at 10:47 PM , 242उन्नाव 22 मई 2021 (सू0वि0) जिला कृषि रक्षा अधिकारी श्री विकास शुक्ला ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं संगठन से जारी पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान में टिड्डी दलों के आक्रमण की सम्भावना व्यक्त की गयी है। जिसके टृष्टिगत यह आवश्यक है कि गत वर्ष 2020-21 में राजस्थान से आये टिड्डी दलों के आक्रमण के दृष्टिगत इस वर्ष भी तैयारी कर ली जाय ताकि किसी भी स्तर के प्रकोप की दशा में ससमय टिड्डी दल पर नियंत्रण पाया जा सके। टिड्डी दल के प्रकोप की दशा में आप सुझावाओं एवं संस्तुतियों का अनुपालन करें- टिड्डी दल के आक्रमण की सूचना ग्राम प्रधान, लेखपाल, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायकांे एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के माध्यम से जिला प्रशासन तक तत्काल पहँुचायें, टिड्डी के आक्रमण की दशा में एक साथ इकट्ठा होकर टीन के डिब्बों, थालियों, ढोल नगाडों, डी0जे0 आदि को बजाते हुए शोर मचायें। शोर से टिड्डी दल आस-पास के खेतों में आक्रमण नही कर पायेंगे, चूँकी गर्मी का मौसम एवं बलुई मिट्टी के प्रजनन एवं अण्डे देने हेतु सर्वाधिक अनुकूल होता है। टिड्डी दल के आक्रमण से सम्भावित ऐसी मिट्टी वाले क्षेत्रों में जुताई करवा दें एवं जल भराव करा दें। ऐसी दशा में टिड्डी के विकास की सम्भावना कम हो जाती है, टिड्डी दल रात्रि में फसलों, झाडियों एवं पेडों पर प्रवास करते हैं नियंत्रण हेतु प्रशासन के माध्यम से अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) विभाग की भी सहायता ली जा सकती है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि टिड्डी दल के न्यूनतम/मध्यम प्रकोप की दशा में कृषक भाई एक साथ मिलकर क्लोरपाइरीफाॅस 20% EC या लैम्ब्डासाइहैलोथ्रिन 5% EC या मैलाथियान 50 % EC या डेल्टामेथ्रिन 2.8% EC या फिप्रोनिल 5% SC आदि का तीब्र छिड़काव करे। टिड्डी दल के नियंत्रण हेतु रसायन मैलाथियान 96 % ULV का अत्यन्त प्रभावी होता है। परन्तु इस रसायन की जन सामान्य को उपलब्धता न होने के कारण कृषक स्तर से इसका छिड़काव नही किया जा सकता। यह रसायन टिड्डी नियंत्रण से सम्बधित सरकारी तन्त्र को ही उपलब्ध हो सकता है इस लिए टिड्डी दल के आक्रमण की दशा में लोकस्ट कण्ट्रोल आर्गेनाइजेशन फरीदाबाद को एवं क्षेत्रीय केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन केन्द्र, लखनऊ को फोन नं0



























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