मायावती ने UPI शुल्क व्यवस्था पर जताई नाराजगी, स्मार्ट स्कूलों के बजट पर भी उठाए सवाल
अन्य खबरे Sep 18, 2026 at 11:12 AM , 23लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने यूपीआई (UPI) डिजिटल लेनदेन पर शुल्क वसूली की नई व्यवस्था को लेकर जनता की नाराजगी और आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका जताई है। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार की स्मार्ट स्कूल योजना का स्वागत करते हुए प्रति विद्यालय निर्धारित बजट पर सवाल उठाए हैं।
मायावती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से कहा कि डिजिटल लेनदेन को पहले बढ़ावा देने के बाद अब उस पर शुल्क वसूलने की व्यवस्था से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने इसे जनता में बेचैनी और आक्रोश का कारण बताते हुए कहा कि व्यवस्था को चाहे कोई भी नाम दिया जाए, अंततः आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा।
### जनता की आर्थिक स्थिति पर जताई चिंता
मायावती ने कहा कि देश की बहुसंख्यक आबादी गरीबी और महंगाई की मार झेल रही है। ऐसे में सरकार की नीतियां लाभ कमाने वाली व्यावसायिक व्यवस्था के बजाय जनकल्याण पर अधिक केंद्रित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता की आर्थिक तंगी और दुख-तकलीफों को लेकर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
### स्मार्ट स्कूल योजना का स्वागत, बुनियादी सुविधाओं पर जोर
बसपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 14,500 स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने की घोषणा को अच्छी पहल बताया। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि प्रति स्कूल करीब दो लाख रुपये के बजट में स्मार्ट स्कूलों का निर्माण और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था किस हद तक संभव हो पाएगी।
मायावती ने कहा कि स्मार्ट पढ़ाई से पहले बच्चों को बुनियादी शिक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके तहत स्कूलों में छत, बेंच, कुर्सी, किताबें, शौचालय, खेल का मैदान और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से इस योजना पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और बच्चों की बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देने की अपील की।
नोट: UPI शुल्क व्यवस्था और 15 अक्टूबर से लागू होने की तारीख संबंधी विवरण मायावती की ओर से दिए गए वक्तव्य पर आधारित हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।






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