उन्नाव में 2,078 करोड़ के निवेश से क्राउन पैकेजिंग के पहले भारतीय प्लांट का भूमिपूजन
जनपत की खबर Sep 09, 2026 at 08:55 PM , 15**1,500 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर होंगे सृजित, यूपी के पैकेजिंग और विनिर्माण क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती**
**लखनऊ, 09 सितंबर 2026।** उत्तर प्रदेश की एफडीआई नीति-2023 के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। वैश्विक पैकेजिंग कंपनी **क्राउन होल्डिंग्स** की भारतीय इकाई *क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड* ने बुधवार को उन्नाव स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) में अपने पहले ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन विनिर्माण संयंत्र का भूमिपूजन किया। करीब **2,078.44 करोड़ रुपये के निवेश** वाली यह परियोजना भारत में क्राउन होल्डिंग्स का पहला विनिर्माण संयंत्र होगी।
उन्नाव आईएमएलसी के प्लॉट नंबर-4 पर करीब **40 एकड़** में अत्याधुनिक संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह देश के तेजी से बढ़ते पेय पदार्थ उद्योग की पैकेजिंग जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परियोजना से **200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार** मिलने की संभावना है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन, रखरखाव और स्थानीय वेंडर नेटवर्क में भी रोजगार एवं व्यवसाय के नए अवसर पैदा होंगे।
### ‘फैक्ट्रियों का पंजीकरण ही नहीं, धरातल पर उतर रही परियोजनाएं’
भूमिपूजन समारोह में औद्योगिक विकास मंत्री **नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’** ने कहा कि प्रदेश में अब केवल तेजी से निवेश प्रस्तावों और फैक्ट्रियों का पंजीकरण ही नहीं हो रहा, बल्कि परियोजनाओं को धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं। उन्नाव में क्राउन पैकेजिंग की परियोजना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि यह निवेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री **योगी आदित्यनाथ** के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियां प्रदेश की 36 से अधिक क्षेत्रीय नीतियों और विभिन्न प्रोत्साहनों का लाभ उठा रही हैं।
### पहले साल 67 करोड़ कैन उत्पादन का अनुमान
क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का गठन मार्च 2026 में हुआ था। यह क्राउन होल्डिंग्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और इसका पंजीकृत कार्यालय लखनऊ में है। परियोजना का मूल्यांकन उत्तर प्रदेश की **एफडीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों के लिए निवेश प्रोत्साहन नीति-2023** के तहत किया गया है।
प्रस्तावित संयंत्र की प्रारंभिक स्थापित क्षमता **116.2 करोड़ कैन प्रतिवर्ष** होगी, जिसे बढ़ाकर **178.6 करोड़ कैन प्रतिवर्ष** तक किया जा सकेगा। पहले वर्ष में करीब **67 करोड़ कैन** उत्पादन का अनुमान है, जबकि नौवें और दसवें वर्ष तक उत्पादन क्षमता लगभग **170 करोड़ कैन प्रतिवर्ष** पहुंचने का अनुमान है।
### औद्योगिक आधार के विस्तार को मिलेगी गति
उत्तर प्रदेश में इस तरह के बड़े निवेश से प्रदेश के औद्योगिक आधार का लगातार विस्तार हो रहा है। विनिर्माण के साथ लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों के विकास से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा भी मजबूत होगी।
भूमिपूजन समारोह में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) **दीपक कुमार**, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास **आलोक कुमार**, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ **मनोज कुमार सिंह** और इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ **शशांक चौधरी** समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। क्राउन होल्डिंग्स की ओर से ईवीपी एवं सीओओ **दजल्मा नोवाएस जूनियर** तथा प्रेसिडेंट, क्राउन बेवकैन ईएमईए **मार्क केचेसन** ने समारोह में हिस्सा लिया।






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