“यूपी में विकास से स्वास्थ्य तक सख्त मॉनिटरिंग: 5,973 गांवों का प्लान एक माह में मंजूर कराने के निर्देश”
जनपत की खबर Sep 09, 2026 at 08:05 PM , 245,973 गांवों का विलेज डेवलपमेंट प्लान एक माह में कराएं अनुमोदित
**मुख्य सचिव ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 1,878 गांवों को तत्काल आदर्श ग्राम घोषित करने के निर्देश**
**लखनऊ, 09 सितंबर 2026।** मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने प्रदेश में आदर्श ग्राम योजना, लंपी स्किन डिजीज, संचारी रोग नियंत्रण, इन्फ्लुएन्जा, बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य और फार्मर रजिस्ट्री समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने **आदर्श ग्राम योजना** की समीक्षा करते हुए कहा कि शेष **5,973 ग्रामों के विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार कराकर जिला स्तरीय समिति से एक माह के भीतर अनुमोदित** कराए जाएं। उन्होंने 70 अंक प्राप्त कर चुके **1,878 ग्रामों को तत्काल आदर्श ग्राम घोषित** करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में लंबित प्रकरणों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित मुख्य विकास अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। एक माह में लंबित मामलों की संख्या समाप्त नहीं होने पर संबंधित सीडीओ को **प्रतिकूल प्रविष्टि** दी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि आदर्श ग्राम योजना के तहत प्रदेश में कुल **12,382 ग्राम चयनित** हैं। इनमें 6,409 ग्रामों के ड्राफ्ट विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार हो चुके हैं, जबकि 5,050 ग्रामों के प्लान फाइनलाइज और 3,861 ग्रामों को आदर्श ग्राम घोषित किया जा चुका है।
### लंपी को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
लंपी स्किन डिजीज की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने प्रभावित जनपदों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने **रिंग वैक्सीनेशन, संक्रमित पशुओं को अलग रखने, वेक्टर कंट्रोल, कीटाणुशोधन और साफ-सफाई** जैसे उपायों को प्राथमिकता से लागू करने को कहा।
मुख्य विकास अधिकारियों को हर दूसरे दिन बीमारी की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। पशु चिकित्सकों की निर्धारित समय पर चिकित्सालयों में उपस्थिति, गांवों में शिविर लगाकर टीकाकरण तथा पशु सखी, पैरावेट और मैत्री को आवश्यक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक **9,003 पशु प्रभावित** हुए हैं, जिनका उपचार किया जा चुका है। वर्तमान में **1,430 सक्रिय मामले** हैं। प्रभावित जनपदों में 606 टीमें तैनात हैं और **16,08,548 पशुओं का टीकाकरण** किया जा चुका है। प्रदेश मुख्यालय पर **33,81,900 लंपी वैक्सीन** आरक्षित हैं।
### हाई रिस्क एरिया में संचारी रोग नियंत्रण अभियान तेज करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने हाई रिस्क एरिया में संचारी रोगों की रोकथाम संबंधी गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए। जांच व्यवस्थाओं, उपकरणों की क्रियाशीलता और आवश्यक किट की उपलब्धता की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। आमजन को बीमारी से बचाव और उपलब्ध उपचार सुविधाओं की जानकारी देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
इन्फ्लुएन्जा-ए, एच1एन1 और सीजनल इन्फ्लुएन्जा की समीक्षा के दौरान अधिक मामलों वाले जनपदों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। आईसीयू और श्वसन रोग ओपीडी के चिकित्सकों एवं स्टाफ का वैक्सीनेशन सुनिश्चित कराने तथा अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
### 26 जनपदों में बाढ़ का असर, राहत कार्य जारी
बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए **एंटी-लार्वा का छिड़काव, कीचड़ की सफाई और अन्य निरोधात्मक गतिविधियां** तेज करने को कहा गया।
उन्होंने बाढ़ का पानी उतरने के बाद फसल क्षति का सर्वे तत्काल शुरू कराने और प्रभावित किसानों को नियमानुसार समय से मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के **37 जनपद बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें वर्तमान में 26 जनपद प्रभावित** हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 298 बाढ़ शरणालय संचालित हैं, जहां 7,434 लोग रह रहे हैं। राहत कार्यों के तहत अब तक **1,29,369 खाद्यान्न पैकेट, 16,73,959 लंच पैकेट, 6,620 कुंतल भूसा, 6,94,432 क्लोरीन टैबलेट और 2,73,802 ओआरएस** वितरित किए जा चुके हैं।
फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
मुख्य सचिव ने फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए अधिकारियों को अभियान चलाकर पात्र किसानों का पंजीकरण तेजी से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।






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