गंगा एक्सप्रेस-वे का भव्य लोकार्पण: पीएम के विजन से यूपी को मिली विकास की नई रफ्तार—सीएम योगी

जनपत की खबर , 20

हरदोई/लखनऊ। उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे का भव्य लोकार्पण प्रधानमंत्री के कर-कमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत मां गंगा के स्तुति मंत्र से करते हुए कहा कि दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई इस परियोजना की आधारशिला आज साकार रूप में प्रदेश के सामने है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के दूरदर्शी विजन और डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।
सीएम योगी ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण तक का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल आवागमन को सुगम बना रहा है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रहा है।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश परिवारवाद, जातिवाद, दंगों और अराजकता से जकड़ा हुआ था, जहां विकास और निवेश की कल्पना भी मुश्किल थी। वहीं, पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में चार लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है, जिससे हर जिले, तहसील और ब्लॉक मुख्यालय को बेहतर कनेक्टिविटी मिली है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे केवल दूरी कम करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर, औद्योगिक विकास, कृषि उन्नति और रोजगार सृजन का प्रमुख आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे आस्था, संस्कृति और समृद्धि को जोड़ने वाला मार्ग भी है।
594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे के लिए करीब 18 हजार एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है, जबकि इसके किनारे विकसित होने वाले औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के लिए लगभग 7 हजार एकड़ भूमि अलग से चिन्हित की गई है। इससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मेरठ से प्रयागराज तक फैले इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 12 जनपदों के एक लाख से अधिक किसानों ने भूमि उपलब्ध कराकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी अन्नदाता किसानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही यह महत्वाकांक्षी परियोजना साकार हो पाई है।
उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, रैपिड रेल, इनलैंड वाटरवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की अपार संभावनाओं को नई दिशा दे रही हैं और प्रदेश को देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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