वाराणसी से ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांटी पाठ्य सामग्री और सम्मानित किए निपुण विद्यालय
जनपत की खबर Apr 04, 2026 at 11:05 AM , 30लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं—कक्षा एक के विकास और अंशिका गुप्ता, कक्षा दो की श्रेया सोनकर, कक्षा तीन की कजरी, कक्षा चार की दीपशिखा, कक्षा पांच की रोली सोनकर, कक्षा छह की श्रेया यादव और कली केशरी, कक्षा सात की रुचि यादव तथा कक्षा आठ की साक्षी गुप्ता—को पाठ्यपुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने जनपद के पांच ‘निपुण विद्यालयों’—प्राथमिक विद्यालय नयापुर, सगुनाहा, फरीदपुर, कंपोजिट विद्यालय भसार और महमूरगंज—के प्रधानाध्यापकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही पांच ‘निपुण विद्यार्थियों’ अभय कुमार पटेल, जानवी, श्रेयांश, नैंसी और सरस्वती को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
इस मौके पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने ‘स्कूल चलो अभियान’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अभियान 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा बीते नौ वर्षों में परिषदीय विद्यालयों में व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनमें आधारभूत सुविधाओं का विकास, ड्रॉपआउट दर में कमी और नामांकन में वृद्धि शामिल है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश ‘निपुण भारत अभियान’ में देश में अग्रणी स्थान पर है।
मंत्री ने बालिकाओं की शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 8 से 12 तक उन्नत करने तथा शेष ब्लॉकों में नए विद्यालय खोलने की योजना का उल्लेख किया। साथ ही 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए ‘बाल वाटिका’ के माध्यम से प्री-प्राइमरी शिक्षा की शुरुआत को भी एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि ‘स्कूल चलो अभियान’ को जन-आंदोलन बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार नकलविहीन परीक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिए बच्चों का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है।































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