विधानसभा में दो राजकीय विश्वविद्यालय स्थापना हेतु संशोधन विधेयक पारित

जनपत की खबर , 140

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने अंत्योदय के आधार पर  शिक्षा विस्तार पर दिया जोर

भदोही में काशी नरेश महाविद्यालय बनेगा विश्वविद्यालय, पूर्वांचल को मिलेगा नया शैक्षिक केंद्र

शाहजहांपुर में स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय का मार्ग प्रशस्त

2017 के बाद उच्च शिक्षा में बड़े सुधार, हर जिले तक विश्वविद्यालय पहुंचाने का लक्ष्य

ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे 

-उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय 

लखनऊ, 16 फरवरी 2026

विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित करा लिया। सदन में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत दोनों विधेयक बहुमत से पारित हुए।

सदन में प्रस्ताव रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम मानकर कार्य कर रही है। योगी सरकार के नेतृत्व में ग्रामीण, पिछड़े और वंचित क्षेत्रों तक विश्वविद्यालय पहुंचाने की दिशा में लगातार ठोस निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।

मंत्री उपाध्याय ने बताया कि संशोधन विधेयक के तहत ज्ञानपुर, जनपद भदोही स्थित काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय को उन्नत कर विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे आसपास के 23  महाविद्यालयों का संबद्धीकरण संभव होगा और क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के बेहतर अवसर मिलेंगे। यह निर्णय पूर्वांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में अहम कदम है।

द्वितीय संशोधन विधेयक के माध्यम से शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट की शैक्षिक इकाइयों को उच्चीकृत कर स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया गया है। मंत्री ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा एमओयू करके अपनी चल - अचल द्वारा अपनी भूमि और संसाधन सरकार को हस्तांतरित कर विश्वविद्यालय स्थापना में सहयोग दिया गया है। इससे 60 क्षेत्रीय महाविद्यालयों का संबद्धीकरण होगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर शिक्षा व रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

मंत्री उपाध्याय ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं। जहां पहले कई मंडलों में सरकारी विश्वविद्यालयों का अभाव था, वहीं अब लगातार नए विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार की उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति के तहत हर जिले तक विश्वविद्यालय पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे शिक्षा का संतुलित और विकेंद्रीकृत विकास सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता सुधार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शोध और कौशल आधारित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में विदेशी विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और नए शैक्षणिक अवसर इस परिवर्तन का प्रमाण हैं। सरकार उच्च शिक्षा को रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related Articles

Comments

Back to Top