विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026: 6 मार्च तक दावे-आपत्तियां, फॉर्म-7 से होगी मतदाता नाम विलोपन की कार्रवाई

जनपत की खबर , 111

लखनऊ, 07 फरवरी 2026।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत प्रदेश में मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां 6 मार्च, 2026 तक प्राप्त की जाएंगी। उन्होंने बताया कि मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि या अनुपस्थित मतदाताओं के संबंध में फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाए रखने के उद्देश्य से विलोपन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। फॉर्म-7 में प्राप्त आवेदनों के आधार पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई की जाती है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1960 के नियम 13(2) के अनुसार किसी नाम को हटाने अथवा किसी प्रस्तावित समावेशन पर आपत्ति केवल फॉर्म-7 में ही की जा सकती है और यह आवेदन केवल वही व्यक्ति कर सकता है, जिसका नाम संबंधित मतदाता सूची में पहले से दर्ज हो।
उन्होंने बताया कि फॉर्म-7 में आवेदन करते समय आपत्तिकर्ता को अपना विवरण जैसे नाम, मतदाता फोटो पहचान पत्र संख्या, स्वयं का एवं संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से देना होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फॉर्म-7 में प्राप्त आपत्तियों की सूची निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा फॉर्म-10 में तैयार की जाती है। दावे एवं आपत्तियों की अवधि के दौरान यह सूची प्रतिदिन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाती है तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को साप्ताहिक रूप से उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त, जनसामान्य एवं राजनीतिक दलों की सुविधा के लिए फॉर्म-10 की सूची जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रतिदिन अपलोड की जाती है, जिसका लिंक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहता है।
उन्होंने बताया कि फॉर्म-7 में प्राप्त आवेदनों का निस्तारण नियमानुसार किया जाता है, जिसमें नोटिस जारी करना, बूथ लेवल अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन, न्यूनतम सात दिन की अवधि के बाद सुनवाई तथा तत्पश्चात निर्णय लेना शामिल है। किसी व्यक्ति के नाम के समावेशन के विरुद्ध आपत्ति की स्थिति में आपत्तिकर्ता को फॉर्म-13 तथा संबंधित व्यक्ति को फॉर्म-14 में नोटिस जारी किया जाता है।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1960 के नियम 19 के अनुसार निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सुनवाई की तिथि, समय एवं स्थान निर्धारित कर इसकी सूचना नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करेगा तथा संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करेगा। सुनवाई के दौरान आपत्तिकर्ता एवं संबंधित व्यक्ति से आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा जा सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा थोक में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। केवल व्यक्तिगत आवेदन ही मान्य होंगे। यही व्यवस्था डाक से प्राप्त आवेदनों पर भी लागू होगी। हालांकि, एक ही परिवार के सदस्यों द्वारा अलग-अलग व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत आवेदनों को स्वीकार किया जा सकता है।

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