श्रीलंका में लगेगी भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी
जनपत की खबर Feb 02, 2026 at 05:40 PM , 186कोलंबो। भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष पहली बार अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के तहत श्रीलंका में प्रदर्शित किए जाएंगे। यह प्रदर्शनी श्रीलंकाई राजधानी कोलंबो में आयोजित होगी। पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत की ओर से अपनी बौद्ध विरासत को दूसरे देशों के साथ साझा किया जा रहा है, जिसके तहत बुद्ध और उनके प्रिय शिष्यों के पवित्र अवशेषों को प्रदर्शनी के लिए रूस, भूटान, मंगोलिया, वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों में भेजा जा चुका है।
श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आगामी प्रदर्शनी की जानकारी साझा की। उच्चायोग ने कहा वियतनाम से मंगोलिया और थाईलैंड से रूस तक, भारत अपनी बौद्ध विरासत को साझा करना जारी रखे हुए है। जैसे ही पवित्र देवनीमोरी अवशेष श्रीलंका पहुंचते हैं, देखें कि भारत भगवान बुद्ध के संदेश के माध्यम से दुनिया को कैसे जोड़ता है।
उच्चायोग ने बताया कि अवशेष 4-11 फरवरी के बीच श्रीलंका में रहेंगे, जिन्हें श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए कोलंबो स्थित गंगारामया मंदिर में रखा जाएगा और इनकी सार्वजनिक पूजा 5 फरवरी से शुरू होगी। इससे पहले एक्स पर एक पोस्ट में भारतीय उच्चायोग ने कहा था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप, भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष पहली बार अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए श्रीलंका लेकर आए जा रहे हैं।
उच्चायोग ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच भगवान बुद्ध के धम्म पर आधारित एक अटूट सभ्यतागत रिश्ता है।
गौरतलब है कि ये पवित्र अवशेष गुजरात के देवनीमोरी क्षेत्र से उत्खनन के दौरान प्राप्त हुए थे और वर्तमान में वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के संरक्षण में हैं। यह प्रदर्शनी भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं बौद्ध विरासत से जुड़े संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 































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