माघी पूर्णिमा स्नान पर्व: कड़ाके की ठंड में संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, ब्रह्म मुहूर्त से लाखों श्रद्धालुओं की डुबकी
जनपत की खबर Feb 01, 2026 at 09:40 AM , 120प्रयागराज। माघ मेले के पांचवें प्रमुख स्नान पर्व माघी पूर्णिमा के अवसर पर आज संगम तट पर आस्था का विराट दृश्य देखने को मिला। ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4 बजे से ही पवित्र स्नान का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहने की संभावना है।
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। रवि पुष्य योग में स्नान का विशेष महत्व होने के कारण श्रद्धालु दूर-दराज से प्रयागराज पहुंचे और संगम में आस्था की डुबकी लगाई। प्रशासन के मुताबिक अब तक लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं, जबकि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
संगम क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पुलिस, एनडीआरएफ और स्वयंसेवी संगठनों को तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
माघी पूर्णिमा के स्नान को पुण्यदायी और मोक्षदायक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन संगम में स्नान करने से पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रद्धा, आस्था और भक्ति के इस महासंगम ने एक बार फिर प्रयागराज को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया है।










































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