पेपरलीक और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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*कर्मचारी चयन बोर्ड में पकड़े गए लोगों ने कांग्रेस सरकार में किया था फर्जीवाड़ा*

*साढे़ चार साल तक मामले को दबाए बैठी रही कांग्रेस सरकार*

*भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति*

*एसओजी बिना भेदभाव कर रही कार्रवाई*

*-मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा*


जयपुर, 25 जनवरी।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को सांगानेर स्थित कैम्प कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि पेपरलीक और ओएमआर शीट से जुड़े मामलों सहित भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराधों पर राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, यदि वह अपराध में संलिप्त पाया जाता है तो उसे कानून के अनुसार सख्त सजा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा एसओजी को कार्रवाई के निर्देश किसी विशेष सरकार, किसी विशेष समय-काल या किसी राजनीतिक उद्देश्य के तहत नहीं दिए गए हैं। यह कार्रवाई केवल भर्तियों में कहीं भी हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
उन्होंने कहा कि एसओजी उन सभी मामलों में बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है, जहां ठोस साक्ष्य सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड से जुड़े जिन मामलों में आरोपियों को पकड़ा गया है, उनमें वर्ष 2019 में फर्जीवाड़ा किया गया था। एक प्रकरण में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार को सूचना भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद साढ़े चार वर्षों तक मामले को दबाए रखा गया।
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज वही लोग नैतिकता की बात कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी और भर्ती प्रक्रियाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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