मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मऊ में बैठक, अंतिम प्रकाशन 6 मार्च 2026 को

राष्ट्रीय , 193

मऊ।
अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रिय सिंह की अध्यक्षता में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में संशोधन किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन 6 जनवरी 2026 को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। नोटिस जारी करने, सुनवाई, सत्यापन, ईआरओ द्वारा गणना प्रपत्रों पर निर्णय तथा दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक एक साथ संपन्न की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों के स्वास्थ्य मापदंडों की जांच एवं अंतिम प्रकाशन हेतु आयोग से अनुमति प्राप्त करने की तिथि 3 मार्च 2026 निर्धारित की गई है, जबकि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च 2026 को किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में कुल 17,13,350 गणना प्रपत्र वितरित किए गए थे, जिनमें से 14,13,127 प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं। शेष 77,702 ‘नो मैपिंग’ गणना प्रपत्रों के संबंध में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने बताया कि मतदाता अपने नाम का सत्यापन एवं पंजीकरण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैध अभिलेखों में से किसी एक के माध्यम से करा सकते हैं।
इन अभिलेखों में केंद्र अथवा राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, 1 जुलाई 1987 से पूर्व जारी सरकारी अथवा सार्वजनिक संस्थानों के पहचान पत्र/प्रमाण पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन अथवा अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी/एससी/एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, राज्य या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवाओं का फॉर्म-06 भरवाकर उनका नाम अनिवार्य रूप से मतदाता सूची में सम्मिलित कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र युवा मतदाता बनने से वंचित न रहे।
बैठक में समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, वरिष्ठ लिपिक रविकांत गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Comments

Back to Top