अप्रेंटिसशिप से युवाओं को नई दिशा: वर्ष 2025-26 में 83 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगारपरक प्रशिक्षण
जनपत की खबर Jan 08, 2026 at 06:10 PM , 118लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण को गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अप्रेंटिसशिप के क्षेत्र में सशक्त पहल की है। प्रदेश में संचालित विभिन्न अप्रेंटिसशिप योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।
वर्ष 2025-26 में अप्रेंटिसशिप योजना के तहत कुल 83,277 युवाओं को उद्योगों एवं एमएसएमई इकाइयों में शिक्षुता प्रशिक्षण के लिए योजित किया गया है। इससे युवाओं को उत्पादन इकाइयों, सेवा क्षेत्र तथा लघु एवं मध्यम उद्योगों में प्रत्यक्ष रूप से कार्य सीखने का अवसर मिला है। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक युवा “सीखते हुए कमाएं” की अवधारणा के तहत उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कौशल प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनें।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को कुशल मानव संसाधन का प्रमुख केंद्र बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अप्रेंटिसशिप योजना के माध्यम से युवाओं को केवल प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि कार्य का वास्तविक और व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं को उद्योगों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
राज्य मंत्री ने बताया कि नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना तथा मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दी जा रही प्रतिपूर्ति से अधिष्ठानों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे रोजगारपरक अवसरों का विस्तार हुआ है। राज्य सरकार हर युवा को उसकी क्षमता के अनुरूप कौशल और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उत्तर प्रदेश में इन योजनाओं के तहत संबंधित अधिष्ठानों और अभ्यर्थियों को प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे जहां शिक्षुओं को प्रशिक्षण अवधि के दौरान आर्थिक सहयोग मिलता है, वहीं अधिष्ठानों को भी प्रशिक्षुओं को रखने के लिए प्रोत्साहन प्राप्त होता है। योगी सरकार का मानना है कि यह मॉडल युवाओं और उद्योग—दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है।
अप्रेंटिसशिप के दायरे को व्यापक बनाने के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले चार वर्षों में 795 नए अधिष्ठानों का पोर्टल पर पंजीकरण कराया गया है। इससे विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण के अवसर बढ़े हैं और स्थानीय स्तर पर युवाओं की उद्योगों तक पहुंच आसान हुई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (सीएमएपीएस) के अंतर्गत 6,164 नए अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया गया है।
विभाग के अनुसार, इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को न केवल प्रशिक्षण, बल्कि रोजगारपरक कौशल और औद्योगिक अनुभव भी मिल रहा है, जिससे उनकी नियुक्ति की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
कौशल विकास की इस सतत प्रक्रिया का प्रभाव यह रहा है कि बीते लगभग नौ वर्षों में 4 लाख से अधिक प्रशिक्षु युवाओं को विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में सेवायोजित किया जा चुका है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को कुशल मानव संसाधन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
योगी सरकार का लक्ष्य है कि अप्रेंटिसशिप को और अधिक व्यापक स्तर पर बढ़ाते हुए युवाओं को उद्योगों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर से जोड़ा जाए। इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, ऑनलाइन पोर्टल को सुदृढ़ किया गया है और उद्योगों के साथ समन्वय को भी मजबूत किया गया है। सरकार का मानना है कि कुशल युवा न केवल स्वयं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेंगे, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश माहौल को भी सशक्त बनाएंगे।































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