अटल आवासीय विद्यालयों में अनिवार्य होगा दैनिक समाचार पत्र पठन, भाषाई व तार्किक कौशल पर विशेष जोर

राष्ट्रीय , 96

लखनऊ।
अध्यक्ष, बी0ओ0सी0डब्ल्यू कल्याण बोर्ड एवं प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम ने विद्यालयों में नियमित समाचार पत्र पठन (न्यूज़पेपर रीडिंग) की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, भाषाई पकड़ और आलोचनात्मक सोच को सशक्त बनाना आवश्यक है। इसके लिए विद्यार्थियों को समाचार पत्रों के नियमित पठन हेतु प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने अवगत कराया कि इस संबंध में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 23 दिसंबर 2025 को विस्तृत निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में समस्त अटल आवासीय विद्यालयों में संबंधित गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से दैनिकचर्या में सम्मिलित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. शन्मुगा सुन्दरम ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय के पुस्तकालय में प्रतिष्ठित एवं उच्च गुणवत्ता वाले हिंदी तथा अंग्रेजी समाचार पत्र नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएं। विद्यार्थियों को समाचार पत्रों में सामान्य ज्ञान के साथ-साथ विज्ञान, अर्थव्यवस्था, नवीन विकास और खेल से संबंधित विषयों को पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि प्रार्थना सभा के उपरांत, कक्षा में पठन-पाठन प्रारंभ करने से पूर्व प्रतिदिन 10 मिनट समाचार पठन के लिए निर्धारित किए जाएं। साथ ही प्रतिदिन पाँच नए अथवा कठिन शब्द उनके अर्थ सहित बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएं। विद्यालय के मुख्य डिस्प्ले बोर्ड पर ‘आज का सुविचार’ अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए।
कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में एक बार संपादकीय लेखों पर आधारित मौलिक लेखन या समूह चर्चा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कनिष्ठ वर्ग के छात्रों के लिए विज्ञान, पर्यावरण और खेल जैसे विषयों पर आधारित न्यूज़ क्लिपिंग स्क्रैपबुक तैयार कराई जाए।
मानसिक विकास एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से समाचार पत्रों में प्रकाशित सुडोकू, शब्द पहेली और ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी पर समय-समय पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को समाचार पत्रों की संरचना और प्रस्तुतीकरण से प्रेरणा लेते हुए अपने विद्यालय की एक त्रैमासिक समाचार पत्र या पत्रिका तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसका संपादन विद्यार्थियों की टीम द्वारा किया जाएगा। इसमें विद्यालय की गतिविधियों और उपलब्धियों को समाचार के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
वैज्ञानिक अभिरुचि को बढ़ावा देने के लिए विद्यार्थियों को छोटे समूहों में वैज्ञानिक तथ्यों और प्रक्रियाओं पर चर्चा के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
डॉ. शन्मुगा सुन्दरम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपरोक्त निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के साथ-साथ उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

Related Articles

Comments

Back to Top