यूपी पावर कार्पोरेशन के खिलाफ आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों का प्रदेशव्यापी विरोध, कार्यवृत्त की प्रतियां जलाईं

जनपत की खबर , 188

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) प्रबंधन पर अपने ही आदेशों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों के संचालन एवं अनुरक्षण कार्य में तैनात लगभग 15 हजार आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। कर्मचारियों की छंटनी, मानक तय करने में देरी, निर्धारित वेतन लागू न करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर संगठन द्वारा 26 नवंबर 2025 को शक्ति भवन, लखनऊ पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया था।
कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन ने अपने आदेश दिनांक 18 सितंबर 2025 का पालन नहीं किया। मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को पुनः कार्य पर नहीं लिया गया, घायल कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं दी गई और इलाज में खर्च की गई राशि का भुगतान संविदाकारों के बिल से काटकर नहीं किया गया। इसके अलावा 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर अनुभवी कर्मचारियों को हटाया जा रहा है, वर्टिकल व्यवस्था लागू की जा रही है, भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ जांच रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही तथा मीटर रीडरों को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर लगाए जाने की स्थिति में मीटर रीडरों को हटाए जाने का भी विरोध किया जा रहा है।
26 नवंबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान निदेशक (कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन) की अध्यक्षता में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और संगठन पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई थी। इस बैठक में सहमति बनी थी कि 15 मई के आदेश का उल्लंघन कर किसी भी कर्मचारी को कार्य से नहीं हटाया जाएगा, 55 वर्ष के आधार पर हटाए गए कर्मचारियों को रिक्त पदों पर समायोजित किया जाएगा और वर्टिकल व्यवस्था लागू होने पर भी किसी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर यह भी तय हुआ था कि 18 सितंबर 2025 के आदेश के अनुसार मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को पुनः कार्य पर लिया जाएगा, घायल कर्मचारियों के इलाज में खर्च की गई राशि की जांच कराकर भुगतान किया जाएगा तथा मीटर रीडरों को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान की जांच कराई जाएगी।
हालांकि, संगठन का आरोप है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा 29 नवंबर 2025 को जारी किया गया कार्यवृत्त, 26 नवंबर को हुई बैठक में बनी सहमति के अनुरूप नहीं है। इसी के विरोध में संगठन द्वारा 23 दिसंबर 2025 को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विरोध प्रदर्शन किया गया और कार्यवृत्त की प्रतियों का दहन किया गया।
लखनऊ में शाम चार बजे रैली निकालकर कर्मचारी मुख्य अभियंता, मध्य जोन, चौक लेसा कार्यालय पहुंचे, जहां जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए 29 नवंबर 2025 को जारी कार्यवृत्त की प्रति जलाई गई।

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