रामनवमी पर अयोध्या में जगमग हुए 2.51 लाख दीप

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लखनऊ/अयोध्या।

अयोध्या नगरी भक्ति, उत्साह और सुरक्षा के अभेद्य कवच में नजर आई, प्रमुख द्वारों पर थी बैरिकेडिंग, सीसी कैमरों से हुई निगरानी, गश्त करते दिखे अधिकारी

अयोध्या/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर अयोध्या नगरी भक्ति, उत्साह और सुरक्षा के अभेद्य कवच में नजर आई। इस बार रामनवमी का पर्व ऐतिहासिक और भव्य तरीके से मनाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ-साथ प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी संसाधनों का उपयोग देखने को मिला। अयोध्या को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन का अवसर मिले। शहर के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई, जबकि सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई। भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए एक दिन पहले से ही लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। 
800 स्कूली बच्चों ने जगमग किये दीप
देर शाम को पर्यटन विभाग की ओर से चौधरी चरण सिंह घाट पर दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान 2.51 लाख दीपों को प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया, जिसे शिक्षा विभाग की तरफ से लगभग 800 स्कूली बच्चों की कड़ी मेहनत से पूरा किया गया। सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने चौधरी चरण सिंह घाट पर प्रथम दीप प्रज्वलित कर उत्सव का शुभारंभ किया। जैसे ही दीपों की जगमगाहट से घाट प्रकाशित हुए, वातावरण में "जय श्री राम" के जयकारों की गूंज उठी। घाट पर बनाई गई आकर्षक प्रभु श्री राम की रंगोलियों ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों का मन मोह लिया। देर शाम तक लोग यहां पहुंचते रहे और सेल्फी लेते हुए इस ऐतिहासिक पल को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए। योगी सरकार के नेतृत्व में अयोध्या को त्रेता युग के स्वरूप में ढालने का प्रयास जारी है, जिससे भगवान श्रीराम के समय की पवित्रता और आध्यात्मिकता का अनुभव कराया जा रहा है।
रामकथा पार्क में कलाकारों ने दिल जीत लिया
रामकथा पार्क के बगल पक्की पार्किंग में भी देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चला। स्थानीय कलाकारों ने भजनों और रामलीला के मंचन के जरिए दर्शकों और श्रोताओं के दिलों को जीत लिया। इन कार्यक्रमों में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अयोध्या की समृद्ध परंपरा को उजागर करने वाला साबित हुआ।
अयोध्यावासियों से हर समय मिला है सहयोग: मंडलायुक्त
मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि रामनवमी का पूरा आयोजन सकुशल संपन्न हुआ। उन्होंने कहा की श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह पर्व शांति और उत्साह के साथ मनाया गया। प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किया गया कि किसी को कोई असुविधा न हो। उन्होंने जनपदवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए मेले के दौरान सहयोग बनाए रखने के लिए धन्यवाद भी दिया। इस बार का राम जन्मोत्सव अयोध्या के लिए कई मायनों में खास रहा। एक ओर जहां भक्ति और उत्सव का माहौल था, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों ने इसे और भी यादगार बना दिया। देर रात तक चले इस आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। अयोध्या ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक भी है। उन्होंने बताया है की लगभग रामनगरी में 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं।

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