राज्य संग्रहालय में चिकनकारी पर आयोजित कार्यशाला का चौथा दिन

जनपत की खबर , 191

लखनऊ : 07 मार्च, 2025

राज्य संग्रहालय में आयोजित चिकनकारी पर आधारित कार्यशाला एवं व्याख्यान के चौथे दिन आज मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षुओं को विभिन्न प्रकार की कढ़ाई के तरीकों का अभ्यास कराया। इस सत्र में प्रशिक्षुओं को बिजली, कौड़ी, काण, रौजन, सादा कन्दा, आउल लाइन, मुर्री, होल, उल्टी बखिया, गांठ कन्दा और सीधी बखिया जैसे प्रमुख टांकें कपड़े पर लगाना सिखाया गया ।

राज्य संग्रहालय, लखनऊ, संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश और अवध चिकनकारी प्रो. क. लि., लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में चिकनकारी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर रानी सिद्दीकी और अरशी फातिमा ने प्रशिक्षुओं को चिकनकारी के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। सभी प्रशिक्षुओं ने सफेद मलमल के कपड़े पर सुई में विभिन्न रंगों के धागों को पिरोकर कढ़ाई की और जाली वर्क के प्रति अपनी विशेष रुचि दिखाई।

राज्य संग्रहालय, लखनऊ निदेशक डॉ. सृष्टि धवन द्वारा कला अभिरूचि पाठ्यक्रम के अन्तर्गत वैश्विक स्तर पर रोजगारपरक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम प्रभारी और सहायक निदेशक डॉ. मीनाक्षी खेमका ने बताया कि इस कार्यशाला में प्रशिक्षणार्थी चिकनकारी का काम सीख रहे हैं, जो उन्हें रोजगार में आत्मनिर्भर बनाएगा। उल्लेखनीय है कि 04 मार्च से चल रही कार्यशाला का आयोजन 12 मार्च तक होगा। यह कार्यशाला कला और हस्त शिल्प के क्षेत्र में रुचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

उत्तर प्रदेश के संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह ने अपने एक संदेश में कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से न केवल हमारी पारंपरिक कला कृतियों को संरक्षित किया जा रहा है, बल्कि युवा पीढ़ी को रोजगार के नए अवसर भी मिल रहे हैं।

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