पर हत्या करने वाला कुख्यात व दुर्दान्त अपराधी गिरफ्तार

राष्ट्रीय , 253

लखनऊ।

 

उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बने व हत्या, लूट, डकैती जैसी संगीन घटनायें करने वाला मुख्तार अंसारी व बिहार के माफिया षहाबुद्दीन और अन्य गिरोह के लिए भाड़े पर हत्या करने वाला कुख्यात व दुर्दान्त अपराधी व कई अभियोगों में वांछित रूपये-1,00,000/- का पुरूस्कार घोषित अपराधी पंकज यादव की एसटीएफ के साथ हुई साहसिक मुठभेङ में मृत्यु।

दिनांक-07-08-2024 की प्रातः जनपद मथुरा के थाना फरह क्षेत्रान्तर्गत एसटीएफ की टीम द्वारा कार्यवाही के दौरान हुयी साहसिक मुठभेड़ में उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बने व हत्या, लूट, डकैती जैसी संगीन घटनायें करने वाला मुख्तार अंसारी व बिहार के माफिया षहाबुद्दीन और अन्य गिरोह के लिए भाड़े पर हत्या करने वाला कुख्यात व दुर्दान्त अपराधी व कई अभियोगों में वांछित रूपये-1,00,000/- का पुरूस्कार घोषित अपराधी पंकज यादव की एसटीएफ के साथ हुई साहसिक मुठभेङमें घायल हो गया जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी।

अभियुक्त का विवरण-

पंकज यादव पुत्र राम प्रवेष यादव निवासी ताहिरपुर थाना रानीपुर, जनपद मऊ।

अभियुक्त से बरामदगी- 

1- 01 अदद पिस्टल 32 बोर

2- 01 अदद रिवाल्वर 32 बोर

3- 04 अदद कारतूस 32 बोर

4- 04 अदद खोखा कारतूस 32 बोर

5- 01 मोटरसाइकिल हीरो स्पलेण्डर

घटनास्थल का दिनांक/समय/स्थान- 

दिनांक-07-08-2024  समय-05.20 बजे प्रातः । स्थान- ब्रज की रसोई से लगभग 500 मीटर आगरा की ओर एनएच 19 के किनारे ग्राम रोसू के समीप थाना फरह, जनपद मथुरा।

स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तर प्रदेश को विगत काफी दिनों से वांछित/पुरूस्कार घोषित अपराधियों के सक्रिय होने की सूचना प्राप्त हो रहीं थी। इस सम्बन्ध में एस0टी0एफ0 की विभिन्न इकाईयों/ टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। इसी क्रम में श्री धर्मष कुमार षाही, पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ, लखनऊ के पर्यवेक्षण मे निरीक्षक श्री सत्य प्रकाष सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ एवं एसटीएफ फील्ड इकाई, गोरखपुर की टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी ।

अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि कुख्यात अपराधी पंकज यादव उपरोक्त अपने पूर्व पंजीकृत अभियोगों के गवाहो व पैरोकारों व कई धनाड्य व्यापरियों की हत्या कारित कर लूट सकता है। पूर्व में भी वर्ष 2010 में जनपद मऊ के मन्ना सिंह हत्त्या काण्ड के चश्मदीद गवाह राम सिंह मौर्य एवं उनके सुरक्षा में नियुक्त आरक्षी सतीश की हत्या इसने अपने साथियो के साथ मऊ में कर दी थी। इस सम्बन्ध में एसटीएफ मुख्यालय एवं एसटीएफ फील्ड इकाई, गोरखपुर की टीमों द्वारा जनपद जनपद आगरा, मथुरा, नोएडा व राजस्थान व हरियाणा के अन्य सीमावर्ती जनपदों में रहकर सुरागरसी पतारसी की जा रही थी एवं मुखबिर मामूर किये गये तो ज्ञात हुआ कि पंकज यादव अपने गिरोह के साथ जनपद आगरा में किसी क्षेत्र में किसी व्यापारी की हत्या कर लूट की योजना बना रहा है। इस योजना को कार्यन्वित करने के लिये उसके गैंग के द्वारा भारी मात्रा में असलहो का इन्तजाम किया गया है। आज देर रात्रि में अपने गिरोह के साथियों के साथ मथुरा से रैपुरा होते हुये आगरा जाकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला है। इस सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया करते हुए श्री धर्मेश कुमार शाही पुलिस उपाधीक्षक एस०टी०एफ० मुख्यालय उ०प्र० लखनऊ मय निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह,उ०नि० यशवंत सिंह, मु०आ० महेन्द्र प्रताप सिंह,मु०आ० आशुतोष तिवारी,मु०आ० अशोक कुमार सिंह,मु०आ० नसीरुद्दीन,मु०आ० विनय कुमार सिंह,,मु०आ० इमरान खान,मु०आ० गुंजन सिंह,मु०आ० रणधीर सिंह,मु०आ० जीतेन्द्र यादव,आरक्षी अमित त्रिपाठी,आरक्षी अमर श्रीवास्तव व कमान्डो विजय कुमार वर्मा, मुख्य आरक्षी चालक राममिलन सिंह व मुख्य आरक्षी चालक अशोक कुमार सिंह के साथ आपराधिक अभिसूचन संकलन हेतु जनपद जनपद नोएडा में मौजूद थे, द्वारा तत्काल इस सूचना से अपर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश को अवगत कराते हुए मथुरा की तरफ बुलाया गया और सम्पूर्ण टीम व मुखबिर खास के साथ नोएडा से मथुरा-आगरा की ओर रवाना हुए। मथुरा से आगरा कि तरफ एन एच 19 पर बढ़ने पर दो व्यक्ति बिना नम्बर कि मोटरसाईकल से जाते हुए दिखाई दिए, जिन्हे देखकर मुखबिर खास ने बताया कि यही पंकज यादव और उसका साथी है। पंकज यादव मोटरसाईकल के पीछे सीट पर बैठा है और मुखबिर को वही उतार कर मोटर साइकिल का पीछा करने लगे। अपर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश अपनी टीम निरीक्षक हुकुम सिंह, मु0आ0 प्रदीप यादव, मु0आ0 विमल कुमार, कमाण्डो लाल सिंह मव का0ड्रा0 रामदीन के साथ मुख्य मार्ग पर ब्रिज की रसोई से लगभग 500 मीटर आगरा की ओर एन एच 19 के किनारे ग्राम रोसू के समीप पहुँच कर मोटर साईकल रोकने के लिए गाड़ाबंदी की गयी। कुछ ही देर पश्चात पुलिस उपाधीक्षक श्री धर्मेश कुमार शाही मय टीम के अपने वाहनों से पंकज यादव को ओवरटेक कर रोकने का प्रयास किया जाने लगा तो मोटरसाईकल सवार और तेजी से एनएच 19 पर भगाने लगे। इसपर एसटीएफ टीम द्वारा तेज आवाज में चिल्लाकर रोकने का प्रयास किया गया तथा आत्मसमर्पण करने हेतु कहा गया। इस पर पीछे बैठे व्यक्ति पंकज यादव ने भद्दी-भद्दी गाली देते हुए दोनों हाथ से दो असलहा निकालकर जान से मारने की नियत से फायर किया जिससे एसटीएफ टीम के लोग बल बाल-बाल बचे कि हाईवे पे अपर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कि टीम द्वारा भी मोटरसाईकल सवारों को रोकने के लिए इशारा करते हुए रोकने के लिए कहा गया तो मोटरसाईकल चालाक ने तेजी से मोटरसाईकल को हाईवे से बाए तरफ मोड़कर कच्चे रास्ते पर भागने लगे कि मोटरसाईकल लड़खड़ाकर गिर गयी। इतने में तेजी से एसटीएफ की टीम अपने वाहनो से उतरकर एवं अपर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश की टीम द्वारा बदमाश को पकड़ने के लिए आगे बढ़े और तेज आवाज में बदमाशों को आत्म समर्पण हेतु चेतावनी दी गयी। इसपर मोटरसाईकल चालाक कच्चे रास्ते के किनारे बने बॉउंड्री के पीछे कूदकर चला गया तथा दीवाल की आड़ लेकर अपने असलहे को निकालकर गाली देते हुए जान से मारने की नियत से एसटीएफ टीम पर फायर करने लगा, जिससे पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश शाही एवं अपर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश बाल-बाल बचे। अपनी व अपनी टीम तथा एनएच 19 पर आ-जा रहे राहगीरों के प्राण संकट में देखकर उच्च कोटि व कर्तव्यपरायणता निभाते हुए स्वंय बदमाश के फायरिंग रेन्ज में होते हुये भी अपनी जान की परवाह न करते हुये अदम्य साहस व शौर्य का परिचय देते हुये अपनी-अपनी आड़ छोड़कर अपर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश, पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश शाही, निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, उ०नि० यशवंत सिंह, मु0आ0 रणधीर सिंह, आरक्षी अमित त्रिपाठी द्वारा बदमाशों की गिरफ्तारी की नियत से संयमित व नियत्रित होकर लगभग एक साथ संतुलित फायर किया गया। बदमाशों की तरफ से फायर बन्द होने पर बदमाश के पास पहुंचे तो एक बदमाष घायल अवस्था में पड़ा था, जिसे मानवीय दृश्टिकोण अपनाते हुए सी0एच0सी0 फरह भेजा गया, जहाँ डाक्टरों द्वारा उसे मृत घोशित कर दिया गया। मृतक बदमाष की पहचान पंकज यादव पुत्र रामप्रवेश यादव निवासी- ग्राम ताहिरपुर थाना रानीपुर जनपद मऊ, हिस्ट्रीशीटर संख्या 37 ए के रूप में हुई। दूसरा बदमाष भागने में सफल रहा।

मुठभेङ के दौरान एसटीएफ टीम द्वारा अदम्य साहस व शौर्य का प्रदर्शन किया गया तथा मा0 मानवाधिकार आयोग के निर्देषों का अक्षरषः पालन किया गया।

मृतक पंकज यादव पिछले करीब 20 वर्षो से उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बना हुआ था। पैसा लेकर भाडे़ पर हत्या करने वाला, कुख्यात व दुर्दान्त अपराधी था, जिसके विरुद्ध जघन्य हत्या, लूट व हत्या के प्रयास रंगदारी वसूलने के लगभग तीन दर्जन से अधिक अभियोग पंजीकृत है। यह अपराधी  मु0अ0सं0-891/2010 धारा 3(1) गैंगेस्टर एक्ट, थाना दक्षिणटोला, जनपद मऊ में यह वाँछित चल रहा था, जिसपर इसकी गरफ्तारी हेतु अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन वाराणसी द्वारा पत्र संख्या-बीजेड-रीडर-03-पुरस्कार-मऊ/2024/17915 दि0 31-07-2024 के माध्यम से रूपये-1,00,000/- का पुरूस्कार घोषित किया गया था।

पंकज यादव उपरोक्त आपराधिक गतिविधियाँः- 

1. दिनांक 19-03-2010 को थाना दक्षिण टोला जनपद मऊ क्षेत्रान्तर्गित मऊ के चर्चित मन्ना सिंह हत्याकाण्ड के गवाह राम सिंह मौर्य पुत्र रूप चन्द मौर्य निवासी फलेपुर, थाना रानीपुर, जनपद मऊ व उसकी सुरक्षा में चल रहे आरक्षी सतीश कुमार की गोेली मारकर हत्या की गयी थी।

2. दिनांक 20-04-2010 को जनपद छपरा (बिहार) में आरक्षी 29 अशोक कुमार सिंह एवं आरक्षी 43 अमरनाथ सिंह को गोली मारी गयी, जिसमें आरक्षी 29 अशोक कुमार सिंह की मृत्यु हो गयी थी तथा आरक्षी की पिस्टल लूट ली गयी थी। इस अपराध में पंकज यादव सह-अभियुक्त रहा था। उक्त लूटी गयी पिस्टल इसके साथी काली पासी से बरामद हो चुकी है, जिसकी पुलिस मुठभेड़ में दिनॉक 23-05-2010 को मृत्यु हो चुकी है। 

3. दिनाकः 12-12-2011 को अपने सहयोगी राम अवध पासी उर्फ मामा निवासी पदमिनिया जहानागंज, जनपद आजमगढ़ 2- राहुल पासी उर्फ राजू निवासी जमुआ, तरवॉ, जनपद आजमगढ़ के साथ इसके द्वारा एक व्यक्ति को गोली मार कर यह लोग वहॉं से असलहों के साथ फरार हो गये थे। 

4. वर्श 2007 से 2021 तक इसके ऊपर 7 बार गैंगेस्टर के अन्तर्गत कार्यवाही की गयी।

5. वर्श 2016 में अपने साथियों के साथ थाना पीपीगंज, जनपद गोरखपुर क्षेत्र के एक ज्वैलर्स की लूट करते समय हत्या कर दी गयी थी। 

उल्लेखनीय है कि पंकज यादव वर्तमान में जनपद कोरबा, छत्तीसगढ़ में रहते हुए जनपद आजमगढ़, मऊ एवं गाजीपुर में नये लड़कों का एक गिरोह बनाकर पैसे लेकर इन जनपदों में ठेके पर हत्या, लूट एवं रंगदारी टैक्स के कार्यों में प्रबन्धन का कार्य किया जाता था। यह मुख्तार अंसारी व बिहार के माफिया षाहबुद्दीन और अन्य माफिया गिरोहों के लिए भाड़े पर हत्या करता था।

उपरोक्त पंकज यादव का आपराधिक इतिहास निम्नवत् हैः-

क्र0सं0 मु0अ0सं0 धारा थाना जनपद

1 114/07 379, 411, 120बी कासिमाबाद गाजीपुर

2 1143/07 379, 411 भादवि कासिमाबाद गाजीपुर

3 00/08 11, 411 भादवि मेंहनगर आजमगढ

4 881/08 323, 325 भादवि रानीपुर मऊ

5 213/08 3(1) गैगेस्टर एक्ट कासिमाबाद गाजीपुर

6 182/08 41, 411 भादवि मंेहनगर आजमगढ

7 141/08 8/20 एन0डी0पी0एस0 एक्ट रानीपुर मऊ

8 528/08 25 आर्म्स एक्ट मेंहनगर आजमगढ

9 527/08 307 भादवि मेंहनगर आजमगढ

10 525/08 394, 411 भादवि हलधरपुर मऊ

11 915/09 302, 201 भादवि रानीपुर मऊ

12 865/09 394, 411 भादवि घोसी मऊ

13 439/09 3(1) गैगेस्टर एक्ट दक्षिणटोला मऊ

14 276/09 307 भादवि दक्षिणटोला मऊ

15 1238/09 3/25 आर्म्स एक्ट रानीपुर मऊ

16 188/09 356, 392 भादवि सरायलखंसी मऊ

17 891/10 3(1) गैगेस्टर एक्ट दक्षिणटोला मऊ

18 862/10 302 भादवि रानीपुर मऊ

19 637/10 3(1) गैगेस्टर एक्ट रानीपुर मऊ

20 636/10 394, 411, 420 भादवि कोतवाली आजमगढ़

21 565/10 302, 394 भादवि कोतवाली आजमगढ़

22 399/10 147, 148, 149, 307, 34, 302 भादवि दक्षिणटोला मऊ

23 776/10 3(1) यू0पी0 गैगेस्टर एक्ट रानीपुर मऊ

24 62/10 302, 394, 120बी भादवि भगवान बिहार छपरा बिहार

25 901/10 307 भादवि सरायमीर आजमगढ़

26 89/10 3(1) यू0पी0 गैगेस्टर एक्ट रानीपुर मऊ

27 482/12 120बी, 307, 386 भादवि जहानागंज आजमगढ़

28 91/12 120बी भादवि जहानागंज आजमगढ़

29 984/12 302, 120बी भादवि कोतवाली मऊ

30 924/12 302 भादवि कोतवाली मऊ

31 485/12 386 भादवि रानीपुर मऊ

32 70/13 352, 386, 506 भादवि रानीपुर मऊ

33 253/14 3(1) गैगेस्टर एक्ट रानीपुर मऊ

34 227/15 120बी, 392, 411 भादवि मरदह गाजीपुर

35 65/16 120बी, 302, 394, 411, 467, 468 भादवि पीपीगंज गोरखपुर

36 212/16 3(1) गैगेस्टर एक्ट पीपीगंज गोरखपुर

37 239/19 419, 420, 467, 468, 471 भादवि सरायलखंसी मऊ

38 00/21 3(1) गैगेस्टर एक्ट रानीपुर मऊ

इसके विरूद्ध अन्य अभियोगों के बारे में जानकारी की जा रही है। उपरोक्त मुठभेङ के सम्बन्ध में थाना फरह, जनपद मथुरा पर मु0अ0सं0-286/2024 धारा 109/351/352 बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट पंजीकृत किया गया है। अग्रिम वैधानिक कार्यवाही थाना फरह जनपद मथुरा द्वारा की जायेगी।

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