लाखो की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का सरगना व उसका साथी गिरफ्तार।

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लखनऊ।

सरकारी संस्था के नाम पर ऑफिस खोलकर सरकारी नौकरी लगवाने का झाँसा देकर भोले-भाले नवयुवको से लाखो की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का सरगना व उसका साथी गिरफ्तार।

 

दिनांक 26-01-2024 को एस0टी0एफ0, उ0प्र0 को जनपद लखनऊ में सरकारी संस्था के नाम पर ऑफिस खोलकर सरकारी नौकरी लगवाने का झाँसा देकर भोले-भाले नवयुवको से लाखो की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का सरगना भानु प्रताप सिंह व उसका साथी सतेंद्र कुमार पाठक को गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।

 

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरणः

 

(1)- भानु प्रताप सिंह पुत्र पारस नाथ सिंह नि0-रिश्ता अपार्टमेंट ए-1 702, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ मूल निवासी-ग्राम पकड़ी बुजुर्ग, थाना घोसी, जनपद मऊ।

(2)- सतेंद्र कुमार पाठक पुत्र वी0पी0 पाठक नि0-ग्राम सराये पटखनी, थाना गोपीगंज, जनपद भदोइ। वर्त्तमान पता-1180/21 इंदिरानगर, लखनऊ। 

बरामदगीः

(1)- 05 अदद मोबाइल।

(2)- 02 अदद कार।

(3)- 100 अदद ग्राम विकास सहकारी समिति से सम्बन्धित आवेदन पत्र की प्रति। 

(4)- 01 अदद कूट रचित नाम पते पर प्रयोग किया जा रहा सिम कार्ड।

(5)- 05 अदद फर्जी व कूट रचित विभिन्न विभागों के ज्वाइनिंग लेटर।

(6)- विभिन्न अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की फोटो प्रति ।

(7)- विभिन्न सरकारी परीक्षाओ से सम्बन्धित अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड।

(8)- विभिन्न सरकारी व संविदा नौकरियों के विज्ञापन सम्बन्धी फर्जी व कूट रचित प्रपत्र।

(9)- 5 अदद हस्ताक्षरित ब्लेंक चेक।

गिरफ्तारी का स्थान/दिनांकः

दुर्गा टावर के पास विभूति खण्ड, लखनऊ समय 17ः30 दिनांक 26.01.2024

एस0टी0एफ0, उत्तर प्रदेश को विगत काफी दिनों जनपद लखनऊ में भोले-भाले बेरोजगार नवयुवको बहला फुसलाकर सरकारी नौकरी देने के नाम पर धन उगाही व फ्रॉड करने वाले गिरोहों के सम्बन्ध में सूचनाएं प्राप्त हो रही थी। इस सम्बन्ध में एस0टी0एफ0 की विभिन्न इकाईयो/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके क्रम में श्री धर्मेश कुमार शाही, पुलिस उपाधीक्षक, एस0टी0एफ0 मुख्यालय उ0प्र0 लखनऊ के पर्यवेक्षण मे अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।

 

अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि ग्राम विकास कृषि सहकारी समिति लिमिटेड लखनऊ उत्तर प्रदेश के नाम पर फ़र्ज़ी तरीके से विभूतिखण्ड क्षेत्र में एक कार्यालय संचालित किया जा रहा है जिसमे भोले-भाले नवयुको को बुलाकर उनसे सरकारी नौकरियों में भर्ती करवाने के नाम पर पैसा वसूला जाता है तथा उन्हें फ़र्ज़ी व कूट रचित नियुक्ति पत्र दिए जाते है। यह लोग पूर्व में भी शहर में कई जगहों पर दफ्तर खोल कर भोले-भाले नवयुको से फ्रॉड की घटनाये कर चुके है। 

इस सूचना पर विश्वास कर निरीक्षक राघवेंद्र सिंह, मय उ0नि0 अतुल चतुर्वेदी, उ0नि0 प्रदीप सिंह,मु0आ0 नीरज पाण्डेय, मु0आ0 रामनिवास शुक्ला, मु0आ0 राजीव कुमार, आ0 बृजेश बहादुर सिंह, आ0अमित त्रिपाठी एवं आ0 अमर श्रीवास्तव मय वाहन सरकारी यू0पी 32 बीजी चालक अफजल की एक टीम गठित कर मुखबिर को साथ लेकर विभूति खण्ड दुर्गा टावर के पास पंहुचे, जहाँ दुर्गा टॉवर के सामने बिलिं्डग मे ग्राम विकास कृषि सहकारी समिति लिमिटेड लखनऊ(उ०प्र०) लिखा दिखाई दिया तथा नीचे एक काले रंग की हौंडा सिटी कार यूपी 32 एचएल 2496 व एक महिंद्रा एक्सयूवी 500 यूपी 32 जीजे 6002 खड़ी थी। द्वितीय तल पर जाने पर दफ्तर के बाहर ग्राम विकास कृषि सहकारी समिति लिमिटेड लखनऊ(उ०प्र०) का बोर्ड लगा था। अन्दर जाने पर दो व्यक्ति बैठे थे जिनका नाम भानु प्रताप सिंह पुत्र पारस नाथ सिंह निवासी उपरोक्त व सतेंद्र कुमार पाठक निवासी उपरोक्त मिले, जिनसे ऑफिस के संबन्ध मे जानकारी की गयी तो ऑफिस को अपना बताया गया। जब हम पुलिस वालो द्वारा जब अपना परिचय दिया गया तो दोनों व्यक्ति हड़बड़ा गए। ऑफिस की तलाशी लेने पर भानु व सतेन्द्र के सामने रखी मेज पर एक अदद फाइल जिस पर जिला सेवायोजन कार्यालय पीलीभीत लिखा था तथा उ0प्र0 सरकार का मोनोग्राम बना है। फाइल के अंदर फ्रॉड करने के उद्देश्य से कई फर्जी व कूट रचित दस्तावेज रखे हुए थे, जिसकी स्वीकारोक्ति दोनांे अभियुक्तो द्वारा की गयी, जिसपर इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, जिनके पास से उपरोक्त बरामदगी की गयी।

गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछने पर बताया की ग्राम विकास कृषि सहकारी समिति लि0 लखनऊ(उ0प्र0) हम लोगो ने फर्जी संस्था खोल रखी है, जिसका नाम हम लोगो ने सरकारी विभाग के नाम पर बना रखा है, जिससे हम लोग भोले-भाले नवयुवको को सरकारी नौकरी देने के नाम पर यहाँ बुलाते है और उन्हें फर्जी विज्ञापन व अपनी हौंडा सिटी व एक्सयूवी कार, ऑफिस आदि दिखाकर प्रभाव मे ले लेते हैं। भानु उपरोक्त उन्हें अपने आप को भारत सरकार मे पदस्थ उच्चाधिकारी बताकर साक्षात्कार लेते हैं और नौकरी देने के नाम पर उनसे पैसा लेते है और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर दे देते है। इस काम मे भानु प्रताप दीक्षित पुत्र सच्चिदानन्द दीक्षित निवासी-बारा दीक्षित देवरिया व हिमांशू मुख्य रूप से हम लोगो के साथ रहते हैं। भानु दीक्षित पहले भी कई बार ऐसे ही मामलो मे जेल जा चुका है। भानु सिंह द्वारा यह भी बताया गया की मेरा भी दिल्ली से एक ऐसा मामला चल रहा है। हम सभी लोग मिलकर एक जगह पर ऑफिस कुछ ही दिन चलाते है। लेटर पैडो पर अंकित मोबाइल नम्बर 7317510711 के बारे मे बताया की यह मोबाइल नम्बर हम लोगो ने फ्रॉड करने के लिए ही फर्जी नाम पते पर लिया है।

भानू प्रताप दीक्षित व हिमांषु की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। गिरफ्तारी के सम्बन्ध मे थाना विभूतिखण, कमिष्नरेट लखनऊ में मु0अ0सं0 27/2024 धारा 419/420/467/468/471 भादवि का पंजीकृत कराया गया है।  अग्रिम कार्यवाही थाना विभूतिखंड जनपद लखनऊ द्वारा की जायेगी।

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