प्रधानमंत्री आवास योजना में मची है लूट ग्राम पंचायत के आवासों में लाखों की लूट

जनपत की खबर , 500

लखीमपुर खीरी। एक तरफ प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में डायरेक्ट पैसा ट्रांसफर करते हैं वहीं दूसरी तरफ ग्राम पंचायत दुबहि के ग्राम प्रधान  द्वारा लाभार्थियों से पहली किस्त पर ही 10000 हजार रुपए ले लिए जाते हैं हम बात करते  विकास खण्ड निघासन की ग्राम पंचायत दुबहा की जो बयान में खुद लाभार्थियों द्वारा सोशल आडिट कराने आई टीम के समक्ष दिया गया  ग्राम पंचायत दुबहा में 20 जनवरी 2021 को सोशल आडिट किया गया सोशल आडिटर राजेंद्र द्वारा मनरेगा के अंतर्गत हुये कार्या व प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने आवसो का भी भौतिक सत्यापन किया गया भले ही यह अलग बात है कि भौतिक सत्यापन के समय मनरेगा के कार्यों का अभिलेखों से मिलान करना उचित नहीं  समझा इसके पीछे क्या कारण है पता नहीं  आवास के सत्यापन के समय लाभार्थियों ने अपनी पीड़ा  सोशल आडिट टीम के सदस्य राजेंद्र के समक्ष व्यक्त की  35 लाभार्थियों में से 20 लाभार्थियों ने प्रधान द्वारा पहली किस्त के समय 10000 हजार रूपए लेने की बात कही गई जब आडिटर साहब ने लाभार्थियों से पूछा कि पैसा तो आपके बैंक अकाउंट में आता है तो  कैशियर साहब आपके हाथों में  पैसा देते हैं  तब प्रधान कैसे आपसे ले लेते हैं तो लाभार्थियों ने  जो जवाब दिया जिससे आप भी दुखी हो जाएंगे और यूपी की लाचार सरकार व्यवस्था  भी शर्मसार हो जाएगी  क्यो और आखिर कब तक इन भोले भाली ग्रामीणों को लूटा जाएगा जवाब था साहब हमारी बैंक किताब व आधार   प्रधान लय लीहिस है जब पैसा आता है तब  विनीत लय जायक पैसा निकरवाय देते हैं और 10000 हजार रूपए लय लेते हैं और बाकी हमका दे देते हैं  देश की आजादी के 70 साल बाद भी आज ग्रामीणों की  ऐसा दर्द की हलात देख कर योगी आदित्यनाथ को शर्म आनी चाहिए लाभार्थियों ने यह भी बताया कि हमारी बैंक पासबुक व आधार कार्ड प्रधान जी के पास जमा है  अब शासन व प्रशासन से प्रश्र है कि आखिर क्यों  यूपी की जनता सामंतवादी सोच का शिकार है और कुछ सामंतवाद देश के ग्रामीण  जनता को अपना दास बनये है यह प्रश्रचिन्ह सिस्टम पर है सोशल आडिट टीम के आगे रहते हैं पर  एक पल में ही भ्रम सीसे की तरह चकनाचूर हो गया जब यहां भी एक बहुत बड़े घोटाला दिखाई पड़ता है।

 

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