भारत-नेपाल सीमा पर ईंधन और उर्वरक की तस्करी तेज, सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी पर उठे सवाल
लखीमपुर खीरी May 14, 2026 at 06:32 PM , 0लखीमपुर खीरी (चंदन चौकी): भारत-नेपाल सीमा पर स्थित थारू बाहुल्य क्षेत्रों में इन दिनों पेट्रोल, डीजल और रासायनिक उर्वरकों (खाद) की तस्करी बड़े पैमाने पर जारी है। नेपाल में ईंधन की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद सीमावर्ती इलाकों में तस्कर गिरोह बेहद सक्रिय हो गए हैं।
तस्करी के मुख्य केंद्र: बताया जाता है कि भारत-नेपाल बॉर्डर से सटे सूंडा, चंदन चौकी, बंदर भरारी और सोहना जैसे थारू क्षेत्र के गांवों को तस्करों ने अपना मुख्य सेफ कॉरिडोर बना लिया है।परिवहन का तरीका: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पलिया से रोजाना टाटा मैजिक और अन्य निजी वाहनों के जरिए हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल भरकर खुलेआम बॉर्डर तक पहुंचाया जा रहा है।सुरक्षा पर सवाल:
एक तरफ सीमा सुरक्षा में तैनात सुरक्षा एजेंसियां व स्थानीय पुलिस हर वक्त मुस्तैदी और कड़ी चौकसी का दावा करती हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी नाक के नीचे से प्रतिदिन भारी मात्रा में ईंधन सीमा पार भेजा जा रहा है।देश विरोधी कृत्य:जहां एक ओर देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री आम जनता से ईंधन की बचत और राष्ट्र निर्माण में सहयोग की अपील कर रहे हैं, वहीं ये तस्कर चंद रुपयों के निजी मुनाफे के लिए देश के संसाधनों को अवैध तरीके से नेपाल भेज रहे हैं। जागरूक नागरिकों का मानना है कि आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाली यह गतिविधि किसी देश विरोधी कृत्य से कम नहीं है।































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