• माघे निमग्ना: सलिले सुशीते I विमुक्तपापास्त्रिदिवं प्रयान्ति॥

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    माघ मास इतना पवित्र है कि इसमें प्रत्येक जलकुंड का जल गंगाजल के समान पवित्र हो जाता है इस मास में शीतल जल में डुबकी लगाने-नहाने वाले मनुष्य पापमुक्त होकर स्वर्गलोक जाते हैं माघ मास के माहात्म्य का वर् ...

  • मकर संक्रांति का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व

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    मकर संक्रांति का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है इस साल यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा इस दिन लोग गंगा या अन्य पावन नदी में स्नान कर भगवान सूर्य की उपासना करते हैं इस दिन दान पुण्य करना अत ...

  • *भारत के लिए कितनी कारगर है अप्रेन्टिसशिप?*

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    *लेखक: श्री अतुल कुमार तिवारी, सचिव, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय* भारत में अप्रेन्टिसशिप पर जब भी कोई चर्चा होती है तो अक्सर हमारी तुलना जर्मनी और ऐसी ही अन्य विकसित अर्थव्यवस्था वाले देशों के ...

  • अदभुत चर्च:कुनकुरी चर्च

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    छत्तीसगढ़ के जशपुर में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च है. जिसे महागिरजाघर के नाम से जाना जाता है. दिखने में काफी विशाल और भव्य है. जशपुर के चर्च का इतिहास भी अद्भुत है. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकु ...

  • स्कूलों में वीर बाल दिवस पर गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की बहादुरी और कुर्बानी के किस्से जानेंगे बच्चे

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    लखनऊ। सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह  के प्रकाश पर्व पर पीएम मोदी ने बड़ा ऐलान किया है. पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, इस साल से 26 दिसम्बर की तारीख को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा. जा ...

  • पत्रकारहित में वरिष्‍ठ पत्रकार की कुर्बानी, और मान्‍यता समिति का चुनाव

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    लखनऊ। मान्‍यता समिति का चुनाव आ गया था। पत्रकारों के नेतागण पत्रकारहित के लिये जान देने को तैयार होने लगे थे। तैयारी इस कदर थी कि अगर किसी वोटर पत्रकार का साइकिल भी पुलिस वाले रोक लेते तो नेतागण उ ...

  • मुगलों के घेरे को तोड़ कर अपनी चार सौ की फौज के साथ निकल गए थे गुरु गोविन्द सिंह

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    21 दिसम्बर सन सत्रह सौ चार...छह महीने से पड़े मुगलों के घेरे को तोड़ कर अपनी चार सौ की फौज के साथ गुरु गोविन्द सिंह निकल गए थे। वहाँ से निकलने के बाद सबको सिरसा नदी को पार करना था। जाड़े की भीषण बरसात के ...

  • *आइकॉनिक साड़ी*

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    *लेखिका* *प्रो. रूबी कश्यप सूद,* *वस्‍त्र डिजाइन,राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान* *कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार* साड़ी, सिलाई रहित और लपेटकर पहना जाने वाला एक विशिष्ट परिधान है, जो हर भारतीय मह ...

  • अदभुत देवता: न्याय के देवता

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    न्यायकारी, दूधाधारी, गढ़ चम्पावत को राजा, झलराई को लाल तू, माता कालिंका को सांचो पूत, चितई चौधान में तू , घोड़ा संग घोड़ाखाल में तू, नमोव, चमड़खान और ताड़ीखेत में तू, सारे काली कुमाऊं तेरो राज गोरिया. ...

  • अदभुत परम्परा:स्वागत करने की अद्भुत परम्परा

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    हमारी दुनिया अजाब गज़ब रीति रिवाजों से भरी पडी है.दुनिया भर में कई तरह के रीति-रिवाज है. लोग अपने देश की संस्कृति को भली- भांति जानते हैं और उसका पालन भी अपने ही अंदाज़ में .करते है. भारत में कुछ अलग रि ...

  • अद्भुत व्यक्तिः बालों से भरे शरीर वाला व्यक्ति

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    अमर दुनिया में कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जो किसी- किसी इंसान में पाई जाती हैं लेकिन ये जब होती हैं व्यक्ति की सूरत ही बदल देती हैं. सामान्य से अधिक लंबाई या फिर शरीर के अंगों में कुछ अजीब बदलाव शख्स को आ ...

  • अदभुत द्वार: नरक का द्वार

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    साइबेरिया में याना नदी घाटी के पास जंगलों में जमीन में एक बहुत बड़ा गड्ढा है. इसे बाटागिका क्रेटर के नाम से जाना जाता है. यह करीब एक किलोमीटर लंबा, 85 मीटर चौड़ा और 282 फुट गहरा है. हालांकि यह आंकड़ा ज ...

  • *भारत की जी-20 अध्यक्षता: उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बहुत ही बड़ा पल*

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    *--- अमिताभ कांत* भारत एक महीने से भी कम वक्त में, 1 दिसंबर को जी-20 की अध्यक्षता लेने जा रहा है। इस दौरान वो एक बहुत ही ख़ास स्थिति में है जहां वो दुनिया भर के विकासशील देशों की चिंताओं और वरीयताओं ...

  • अदभुत मंदिर:भगवान् शिव का वृहदेश्वर मंदिर

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    तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित बृहदेश्वर मंदिर अपने आप में एक अद्भुत और रहस्यमयी संरचना है .चोल साम्राज्य के ‘द ग्रेट लिविंग टेंपल्स’ में से एक भगवान शिव को समर्पित वृहदेश्वर मंदिर को महान ...

  • देवउठनी एकादशी के दिन ही भगवान विष्णु के स्वरूप शालीग्राम का देवी तुलसी से विवाह होने की है परंपरा

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    लखनऊ। आज देवउठनी एकादशी है कहते हैं कि कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की एकादशी को श्रीहरि चतुर्मास की निद्रा से जागते हैं, इसीलिए इस एकादशी को देवउठनी एकादशी भी कहते हैं इसे हरिप्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान ...

  • देवउठनी एकादशी को भगवान श्रीहरि विष्णु, चार माह की योग निद्रा से बाहर आते हैं।

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    लखनऊ। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि, देवउठनी एकादशी के नाम से प्रसिद्ध है इसे प्रबोधिनी एकादशी या देवुत्थान एकादशी से भी सम्बोधित किया जाता है इस दिन चातुर्मास का समापन होता है, क्योंकि इस ...

  • 36 घण्टे तक निर्जला रहने वाली तपस्विनीयों ने व्रत तोड़ा

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    हो गया छठ शाम को डूबते सूर्य को देखने और अर्घ दे कर विदा करने वाली व्रतियों को भरोसा था कि सूर्य पुनः उदय होंगे गङ्गा के जल में स्वर्ण रश्मियां उतरेंगी सूर्य के प्रकाश में धरा मुस्कुराएगी मनुष्य का भर ...

  • वैभव के साथ सज-धज कर अपने आँचल में फल ले कर निकलती हैं स्त्रियां

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    लखनऊ। जब विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता की स्त्रियां अपने सम्पूर्ण वैभव के साथ सज-धज कर अपने आँचल में फल ले कर निकलती हैं तो लगता है जैसे संस्कृति स्वयं समय को चुनौती देती हुई कह रही हो, "देखो! तुम ...

  • *छठ पूजा पर विशेष* ==============

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    लखनऊ। कार्तिक मास की अमावस्या को दीवाली मनाने के तुरंत बाद मनाए जाने वाले इस चार दिवसिए व्रत की सबसे कठिन और महत्वपूर्ण रात्रि कार्तिक शुक्ल षष्ठी की होती है इसी कारण इस व्रत का नाम करण छठ व्रत हो गया ...

  • छठ, सूर्योपासना का अनुपम लोकपर्व है

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    छठ, सूर्योपासना का अनुपम लोकपर्व है जो बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है यह पर्व इतना विशेष है कि, आज, यह सिर्फ पर्व न होकर, संस्कृति बन चुका है छठ का त्यौहार चार दिन का होता है आज यानी 29 अक्टूबर 2022 ...

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