उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने महापौर को पत्र लिखकर परिषदीय स्कूलों में साफ सफाई की मांग की।

हेडलाइंस , 590

लखनऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में मेरा विद्यालय स्वच्छ विद्यालय अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई थी। उनका मानना था कि इस अभियान में शिक्षक, बच्चे एवं अन्य स्टाफ मिलकर अपने विद्यालय को स्वच्छ और सुंदर बनाएंगे। इतना ही शिक्षकों और अभिभावकों को उन्हें प्रेरित करने के लिए जापान के विद्यालयों में चलने वाले स्वच्छता कार्यक्रम की फिल्मों के कुछ वीडियो भी अध्यापकों के व्हाट्सएप पर खूब शेयर किए गए थे जिससे स्कूलों में छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता, शिक्षकों और समुदाय के प्रति सम्मान की भावना को विकसित किया जा सके। साथ ही विद्यालय परिवेश की समग्र स्वच्छता के प्रति उनमें नैतिक जिम्मेदारी की भावना को भी विकसित किया जा सके। इस संबंध में शासन से आदेश भी जारी कर दिशा-निर्देश भी जारी किया गया था। जिसे स्कूलों ने लागू भी किया मगर फिर भी कुछ अधिकारियों और कुछ अभिभावकों के चलते ये योजना सफलता प्राप्त नहीं कर सकी..और  बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों से सफाई कराने के मुद्दे पर विपक्ष ने सदन मे सरकार को घेरा। सरकार की ओर से बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह ने सफाई देते हुए कहा था कि स्कूलों में सफाई का कार्य ग्राम पंचायत के सफाई कर्मी ही करते हैं। मगर उनकी इस बात में कितनी सत्यता ये मंत्री जी या स्कूल के अध्यापक ही जानते हैं.. लेकिन नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के हालात तो और ही ख़राब हैं यहां सफाई के नाम पर नगर निगम के कोई भी कर्मचारी नहीं आता है यदि नगर निगम के अधिकारियों को अध्यापक फोन करके सूचित भी करते हैं तो अधिकारी भी सफाई कराने से साफ मना कर देते हैं.ऐसे में स्कूलों में सफाई और स्वच्छता का कार्य स्कूल के अध्यापक छात्र दोनों लोग मिलकर करते हैं जिस पर कुछ अभिभावकों को आपत्ति भी होती है या फिर अध्यापक अपनी जेब से स्कूल की शौचालय आदि की सफाई कराने पर मजबूर होते हैं. इस स्थिति को देखते हुए कि परिषदीय स्कूलों की सफाई कैसे होगी..उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा महानगर लखनऊ ने  महापौर संयुक्ता भाटिया को पत्र लिखकर परिषदीय विद्यालयों में साफ सफाई की व्यवस्था..की मांग की है. पत्र में संघ के द्वारा कहा गया है कि.. महानगर लखनऊ में नगर निगम के सीमान्तर्गत बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में आपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत मूलभूत अवस्थापना सुविधायें यथा शौचालय, मूत्रालय, मल्टीपल हैण्ड वाशिंग यूनिट, नल-जल सुविधा आदि कार्य कराये गए हैं। ये अवस्थापना कार्य विद्यालय परिवेश को स्वच्छ एवं छात्रों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने एवं उनके अच्छे स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए कराये गये हैं उक्त विद्यालयों में नियमित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था न होने के कारण अवस्थापना सुविधाओं का समुचित लाभ छात्रों को नहीं मिल पाता है और उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन बेसिक शिक्षा अनुभाग -5 के शासनादेश संख्या- 68- 5099/43/2022-5 दिनांक 27 जून 2022 द्वारा शहरी क्षेत्र में अवस्थित परिषदीय विद्यालयों में स्वच्छता एवं साफ- सफाई की व्यवस्था सुदृढ़ किये जाने हेतु विद्यालय के परिसर एवं शौचालय/मूत्रालयों की क्रियाशीलता को बनाये रखने के लिए नगरीय क्षेत्र में नियुक्त सफाई कर्मियों द्वारा रोस्टर के आधार पर सफाई कराने हेतु आदेशित किया गया है। किन्त फिर भी सफाई कर्मचारी नहीं आते ऐसे मे संघ ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि शासनादेशानुसार शहरी क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के परिसर में भी नियमित साफ़ सफाई की व्यवस्था कराने की कृपा करें, जिससे "मेरा विद्यालय स्वच्छ विद्यालय" की अवधारणा को विकसित करके विद्यालयी परिवेश को स्वच्छ एवं छात्रों को स्वच्छ, स्वस्थ एवं बेहतर परिवेश उपलब्ध कराया जा सके | अब देखना ये होग कि इस पत्र असर नगर निगम और महापौर पर कितना होता है।

Related Articles

Comments

Back to Top