श्वान वंशीय पशुओं के लिए किये जा रहे कार्यों की निगरानी के लिए 04 सदस्यीय उप समिति गठित

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लखनऊ।

प्रमुख सचिव नगर विकास श्री अमृत अभिजात ने बताया कि प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में श्वान वंशीय पशुओं की निगरानी से सम्बंधित आदर्श कार्यवाही प्रक्रिया (एस0ओ0पी0) निर्गत कर दी गयी है और इसके अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यों की निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश श्वान पशु जन्म नियंत्रण अनुश्रवण समिति द्वारा विशेष सचिव नगर विकास विभाग की अध्यक्षता 04 सदस्यीय उप समिति गठित की गयी है। इस समिति में विशेष सचिव, नगर विकास अध्यक्ष होंगे। नगरीय निकाय निदेशालय द्वारा नामित प्रतिनिधि सदस्य सचिव, पीपुल्स फॉर एनिमल की सदस्य सचिव सुश्री गौरी मौलेखी आमंत्रित सदस्य तथा उ०प्र० पशु कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधि इस समिति के सदस्य होंगे।

 प्रमुख सचिव ने बताया कि यह उप प्रत्येक दो माह में उत्तर प्रदेश श्वान पशु जन्म

नियंत्रण अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष को प्रदेश के समस्त नगर निकायों द्वारा श्वानवंशीय पशु बंध्याकरण के संबंध में किए जा रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। साथ ही श्वान वंशीय पशु बंध्याकरण के कार्यक्रम में सहभाग कराने हेतु उत्तर प्रदेश में कार्यरत पशु कल्याण संस्थाओं के नामों की सूची भी बनायेगी। ऐसी संस्थाओं का समय-समय पर प्रशिक्षण भी करायेगी। समिति द्वारा ए०बी०सी० प्रोग्राम के क्रियान्वयन में जन सहभागिता एजेंसियों, सिविल सोसाइटी इत्यादि की सहायता भी ली जा सकती है।

उन्होंने बताया कि एनिमल बर्थ कन्ट्रोल हेतु सुदृढ़ एवं सुविधायुक्त प्रशिक्षण केन्द्र लखनऊ नगर निगम द्वारा संचालित जरहरा एनिमल बर्थ कन्ट्रोल कैम्पस में स्थापित किया जायेगा। इसमें प्रदेश के अन्य निकायों की कार्यदायी संस्थाओं को प्रशिक्षित किया जायेगा। इस सम्बंध में लखनऊ नगर निगम, भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड (एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इण्डिया) तथा प्रशिक्षक संस्था के साथ समन्वय स्थापित कर तीन माह में प्रशिक्षण आरम्भ करेगा। इसके अलावा एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इण्डिया द्वारा निर्गत रिवाइज्ड मॉड्यूल फॉर स्ट्रीट डॉग पॉपुलेशन मैनेजमेंट रेबीज इरेडिकेशन रिड्युसिंग मैन-डॉग कॉन्फ्लिक्ट का भी संदर्भ लिया जायेगा।  

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