_छेड़छाड़ के आरोपी को थाना नर्वल प्रभारी ने 4 दिन तक कस्टडी में रखने के बाद क्यों छोड़ा

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सूरज मिश्रा

*_कानपुर/नर्वल_*

*_छेड़छाड़ के आरोपी को थाना नर्वल प्रभारी ने 4 दिन तक कस्टडी में रखने के बाद क्यों छोड़ा...!_*

*_आरोपी निर्दोष था तो 4 दिन तक कस्टडी में क्यों रखा...!_*

*_नर्वल थाना प्रभारी ने आरोपी को छोड़ने के बाद फिर उसके ऊपर संगीन धाराओं में मुकदमा क्यों लिखा...!_*

*_थाना प्रभारी नर्वल जितेंद्र कुमार शर्मा की इस मामले में भूमिका संदिग्ध...!_*

कानपुर नगर के थाना नर्वल सीमा क्षेत्र के ग्राम रायपुर की रहने वाली एक किशोरी ने बीती 26 फरवरी को थाना नर्वल में एक शिकायती पत्र दिया था, शिकायती पत्र में किशोरी ने गांव के ही कुछ लोगो के विरुद्ध छेड़छाड़, मारपीट व जाति सूचक गालियां देने का हवाला देते हुए आरोपियों पर कार्यवाही की मांग की थी, वही पीड़ित किशोरी व उसके परिजनो ने थाना नर्वल प्रभारी पर आरोप लगाते हुए बताया था कि आशीष को पुलिस थाने पकड़ कर ले गई थी, पुलिस 4 दिन तक समझौता कराने का दबाव बनाती रही, इस दौरान आरोपी आशीष को 4 दिन तक थाने में रखने के बाद पुलिस ने बिना कार्यवाही किए ही उसे छोड़ दिया था..!
वही जब मामला प्रकाश में आया तो ट्विटर के माध्यम से मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया, तब जा कर नर्वल थाना पुलिस ने 4 मार्च को आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया,
वही पुलिसिया सूत्रों के अनुसार थाना प्रभारी नर्वल जितेंद्र कुमार शर्मा को जब आलाधिकारियों से फटकार मिली तो मुकदमा दर्ज किया गया।
अब इस मामले में थाना प्रभारी नर्वल की भूमिका पर कई सवाल उठते है।
जैसे कि यदि आरोपी निर्दोष था तो उसको पुलिस ने पकड़ कर थाने में 4 दिन तक गिरफ्त में क्यों रखा, यदि आरोपी था तो क्यों छोड़ा, छोड़ने के बाद फिर मुकदमा क्यों लिखा??
खैर पुलिस ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज तो कर दिया है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होगी यह भी एक अहम बिन्दु है।
साथ ही क्या आलाधिकारी, थाना प्रभारी नर्वल जितेंद्र कुमार शर्मा को उनकी इस हरकत को नजरअंदाज करते है या उन पर भी कोई कार्यवाही सुनिश्चित करते है। देखने वाली बात होगी।

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