गरीबों को वस्त्र दान और मिठाई खिलाकर नए वर्ष की शुरुआत • रामानंद सैनी

जनपत की खबर , 439

लखनऊ।
साइबर एक्सप्रेस लखनऊ सरोजनीनगर, गरीबों की सेवा ही मेरे जीवन का लक्ष्य और प्रमुख धर्म है। मेरा मानना है कि अपने खाने और खर्चे से जो कुछ भी बचे उसे मानव जाति के हित में अपने से नि न व्यक्तियों को वितरित कर देना चाहिए । यदि अपने पास सामान या आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है तो कुछ समय निकाल कर के संपन्न लोगों से उनके काम में न प्रयोग होने वाला

सामान मांग करके गरीबों में वितरित करने का कार्य करना चाहिए। बस इसी उद्देश्य मैंने अपने जीवन का भरण पोषण करने के पश्चात जो भी पैसा बचता है उससे कपड़े और भोजन खरीद करके वितरित करता हूं। इसके अलावा रात के समय जब भी समय मिलता है अपनी धर्म पत्नी के साथ संपन्न लोगों से मांग कर के गरीबों के घर तक पहुंचने का प्रयास करता हूं। उपरोक्त बातें

आज मानव धर्म मंदिर के संस्थापक, त्रिवेणी वस्त्र बैंक के संचालक और एसएस डी पब्लिक स्कूल, अली नगर, सुनहरा, कृष्णा नगर लखनऊ के प्रबंधक रामानंद सैनी ने नव वर्ष के प्रथम दिन प्रातः काल से लेकर दोपहर तक गरीबों को ढूंढ ढूंढ कर के कंबल, वस्त्र और मिठाई का वितरण किया। ऐसे ऐसे लोग रोड पर उनको मिले जिन्होंने सालों से मुंह मीठा नहीं किया था। उन लोगों को छेना की मिठाई खिलाकर के उन्होंने उनके चेहरे पर एक छोटी सी मुस्कान लाने का छोटा सा प्रयास किया। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी मंजू सैनी और बेटा प्रशांत सैनी तथा ईशांत सैनी भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि मेरा प्रयास रहेगा कि यह कार्य अनवरत रूप से चलता रहे क्योंकि किसी के चेहरे पर मुस्कान देख कर जो सुख मुझे मिलता है वह शायद ही किसी को प्राप्त होता हो । इस काम में सफलता के लिए उन्होंने उन संपन्न लोगों को जो दान करते हैं उन्हें भी धन्यवाद किया।

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