लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने 20 माह में 762 पर लगाया गैंगेस्टर
अन्य खबरे Sep 11, 2021 at 04:30 PM , 385लखनऊ । पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू हुए 20 माह से ज्यादा हो गए। इस दौरान पुलिस ने अपराधियों और मनबढ़ लोगों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की। हत्या, लूट, धोखाधड़ी, दुष्कर्म समेत अलग अलग मामलों में पुलिस ने जमानत पर रिहा होने वाले अथवा फरार चल रहे 762 बदमाशों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की है।आंकड़ों के मुताबिक करीब हर रोज लखनऊ में गैंगेस्टर की कार्रवाई हुई।खास बात ये है कि पुलिस ने लखनऊ के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक संपत्ति जब्त की है। इसकी कीमत तीन अरब 46 करोड़ 10 लाख एक हजार 537 रुपये है। वर्ष 2019-20 में सिर्फ चार करोड़ 86 लाख 68 हजार 948 रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। इससे पहले 2018-19 में ऐसी कोई कार्रवाई ही नहीं हुई थी।आंकड़ों के मुताबिक कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद वांछित अपराधियों की धरपकड़ तेज हुई है। अब तक कमिश्नरेट पुलिस ने 36,976 वांछितों को गिरफ्तार कर नया रिकार्ड बनाया है। इस दौरान पुलिस के दबाव में 2937 लोगों ने कोर्ट में समर्पण भी किया है, जबिक 2724 लोगों की भूमिका अपराध में नहीं पाई गई, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वर्तमान में महज 195 वांछित शेष हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस की ओर से 10 लोगों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जा चुकी है। क्या है गैंगेस्टर एक्ट संगठित रूप से अपराध कर किसी उद्देश्य को हासिल करने वालों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई होती है।अपराध करने वाले एक से अधिक होते हैं। गिरोह बनाकर करोड़ों अरबों रुपये हड़पने वालों की संख्या लखनऊ में सबसे ज्यादा है। ऐसे ठगों के खिलाफ पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। अपराधियों में खौफ गैंगेस्टर एक्ट का अपराधियों में खौफ रहता है। जेल में बंद बदमाशों पर गैंगेस्टर लगाया जाता है। इसके आधार पर पुलिस बदमाशों को जमानत मिलते ही गिरफ्तार कर सकती है। खास बात ये है कि गैंगेस्टर एक्ट में आसानी से जमानत भी नहीं मिलती। इस एक्ट के लगने के बाद पुलिस आरोपितों की अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति भी जब्त कर सकती है।



























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